शरीर के य दो अंग जीवन भर बढ़ते रहते हैं! जानिए आखिर क्यों? 

 
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क्या आपको लगता है कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारी नाक और कान बड़े होते रहते हैं. ऐसा कहा जाता है, ये दोनों अंग लगातार विकसित होते रहते हैं. जबकि शरीर के बाकी अंग एक सीमा के बाद बढ़ना बंद हो जाते हैं. पर कुछ लोग इसे केवल अफवाह ही मानते हैं. उम्र के बढ़ने के साथ हमारे नाक-कान बड़े दिखाई देते हैं. लेकिन इसका ये बिल्कुल भी अर्थ नहीं है कि यह बढ़ते रहते हैं. विज्ञान इसके पीछे गुरुत्व बल को कारण मानता है.

गुरुत्व बल के चलते हमारे कान और नाक लगातार बढ़ते हुए नजर आते हैं. दरअसल, हमारे नाक और कान कार्टिलेज के बने होते हैं जिनका विकास निरंतर होता रहता है, ऐसा माना जाता है. लेकिन यह सच नहीं है. कार्टिलेज में किसी भी प्रकार का विकास और बढ़ोतरी नहीं होती है. 

विज्ञान के मुताबिक, कार्टिलेज कोलाजेन और अन्य फाइबर के बने होते हैं और उम्र बढ़ने के साथ यह टूटते और कमजोर पड़ते हैं. कोलाजेन और फाइबर के टूटने से ड्रूपिंग होती है. इस वजह से हमारे शरीर के नाक और कान बढ़ते हुए नजर आते हैं. लेकिन यह केवल गुरुत्वाकर्षण की वजह से होता है.

गुरुत्व बल के चलते हमारे नाक और कान नीचे की तरफ झुक जाते हैं और उनके आकार में बदलाव नजर आता रहता है. हमें ऐसा प्रतीत होता है कि हमारी कान और नाक लगातार बढ़ रहे हैं. लेकिन ऐसा होता नहीं है. नाक और कान के कार्टिलेज उम्र बढ़ने के साथ खिंच जाते हैं. ऐसा हमारे गाल और होठों के साथ भी होता है.

गुरुत्व बल के कारण ही हमारी त्वचा ढीली पड़ जाती है और नीचे की तरफ झूल जाती है. एक अनुमान के मुताबिक हमारे कान हर साल मूल आकार से एक मिमी के पांचवें हिस्से तक खिंच जाते हैं. ऐसा हमारे नाक के साथ भी होता है.

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