ना अमेरिका, ना ब्रिटेन.....चीन कर रहा है दुनिया की सबसे खतरनाक सुरंग का निर्माण, जानें इसके बारे में सब कुछ

 
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चीन इन दिनों ऐसा प्रोजेक्ट बनाने में जुटा हुआ है जो अब तक दुनिया में नहीं हुआ. चीन विंड टनल बना रहा है जो इस देश को दुनिया से दशकों आगे ले जाएगी. चीन टनल बनाने में हाइपरसोनिक्स टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहा है. लेकिन टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट इसे समय से पहले किया हुआ प्रयोग करार दे रहे हैं. चीन अपने सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट के लिए यह टनल बना रहा है.

20-30 साल आगे निकलेगा चीन 

इस सुरंग को जेएफ-22 विंड टनल के तौर पर बताया जा रहा है. चीन के भौतिक शास्त्रियों के मुताबिक, इस टनल की क्षमता मैक 30 यानी 23,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से आती फ्लाइट्स की है. इसकी रफ्तार आवाज की रफ्तार से 30 गुना ज्यादा है. जल्द ही यह सुरंग ऑपरेशन शुरू कर देगी. ऐसा बताया जा रहा है अगर इस सुरंग को बनाने में चीन कामयाब हो जाता है तो वह पश्चिमी देशों से टेक्नोलॉजी के लिहाज से 20 से 30 साल आगे निकल जाएगा.

चीन ने कैसे पीछे छोड़ा बाकी देशों को 

चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज रिसर्चर हैन ग्‍यूइलाइ के मुताबिक, इस सुरंग में 15 गिगावॉट से ज्‍यादा की बिजली पैदा कर सकेगी. यानी इस सुरंग में दुनिया के सबसे बड़े हाइड्रोपावर स्‍टेशन थ्री जॉर्जेस डैम की करीब 70 फीसदी क्षमता मौजूद है. ये बांध भी चीन के दक्षिण पश्चिमी सिचुआन प्रांत में स्थित है. चीन इस सुरंग को बनाने में केमिकल एक्‍सप्‍लोशन का प्रयोग कर रहा है, जो इसे दुनिया से अलग बनाती है. अभी तक किसी भी देश ने इस तरह का कोई प्रयोग नहीं किया है.

कोल्ड वॉर के समय से हैं सुरंग 

जेएफ-22 की क्षमता औसतन 130 मिलीसेकेंड की है. ये हाइपरसोनिक सुरंगें शीतत युद्ध के समय से ही मौजूद हैं. इन सुरंगों का निर्माण अमेरिका में स्पेस व्‍हीकल्‍स और मिसाइलों को टेस्ट करने के लिए किया गया था. नासा ने भी इस तरह की सुरंगों का निर्माण किया था. हालांकि अभी तक जेएफ-22 लॉन्च डेट तय नहीं हुई है. रूस और चीन ऐसे देश है जो हाइपरसोनिक हथियारों के मामले में बाकी देशों से कहीं आगे निकल चुके हैं. ये दोनों ही देश इस समय ऐसे एयर डिफेंस क्षमता को तैयार करने में लगे हैं जो किसी भी हथियार को सेकेंड्स में ढेर कर सकते हैं.

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