क्या आप जानते हैं अंग्रेजों ने 200 साल के राज में भारत से कितना पैसा लूटा, अगर नहीं तो जानिए

 
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अंग्रेज़ों के चंगुल से आज़ाद हुए हमें 71 साल हो चुके हैं। इस आज़ादी को पाने के लिए भारत ने न सिर्फ लाखों लोगों की कुर्बानी दी बल्कि अंग्रेज़ों ने देश का पूरा खज़ाना भी लूट लिया और अपने देश लौट गए।

जहां एक समय पर हमारा देश सोने की चिड़िया कहलाता था, अब आए दिन अर्थव्यवस्था के मसले पर हमें अमेरिका के सामने घुटने टेकने पड़ते हैं।

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अंग्रेज़ों द्वारा भारत पर कब्ज़ा करने का केवल एक ही उद्देश्य था- हिंदुस्तान की धन-दौलत को लूटना। हमारी संपन्नता को देखते हुए उन्होंने यहां फूट डालो और राज करो की नीति अपनाई, ताकि देश को अलग-थलग कर खज़ाना लूट सकें।

200 साल तक देश में अत्याचार करने वाले अंग्रेज वापस लौट तो गए, लेकिन इतने समय में उन्होंने हमारा काफी धन लूट लिया।

कई लोगों के दिमाग के ये प्रश्न घूमता रहता है कि अंग्रेज़ों ने हमारे देश का कितना पैसा लूटा होगा। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि ये प्रश्न कभी-न-कभी आपके दिमाग में भी ज़रूर आया होगा।

इस प्रश्न का उत्तर जानना हर भारतीय के लिए काफी ज़रूरी है और हमारे पास इस सवाल का जवाब भी आ गया है। जानी-मानी अर्थशास्त्री उत्सा पटनायक ने अपने निबंध में लिखा कि अंग्रेज़ों ने भारत का करीब 45 ट्रिलियन डॉलर (3,19,29,75,00,00,00,000.50 रुपये) लूटा। यही वजह है कि आज भी हमारा देश खराब अर्थव्यवस्था को भोग रहा है।

उत्सा पटनायक के इस निबंध को कोलंबिया यूनिवर्सिटी प्रेस ने प्रकाशित किया है। उत्सा ने बताया कि साल 1900-02 के बीच भारत की प्रति व्यक्ति आय 196.1 रुपये थी, जबकि साल 1945-46 में ये 201.9 रुपये पहुंच गई थी।

उत्सा ने बताया कि अंग्रेज़ों को भारत छोड़े 71 साल हो गए हैं, लेकिन उनके द्वारा दिए गए उपनिवेशवाद की चोट अभी भी नहीं भर पाई है।

उत्सा ने अपने निबंध में बताया कि अंग्रेज़ों ने भारत को लूट कर बर्बाद कर दिया और अपनी शान-ओ-शौकत के लिए कभी भी भारत का नाम तक नहीं लिया।

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