पानी की भाप में पाई जाती है ज्वलनशील हाइड्रोजन गैस, लेकिन नहीं लगती आग, आखिर क्यों? 
 

 
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हाल ही में एक व्यक्ति ने सवाल उठाया कि जब पानी को गर्म किया जाता है तो यह गैसीय अवस्था में पहुंच जाता है, जिसे बाप कहते हैं. लेकिन भाप में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन पाई जाती है. जैसा कि हम जानते हैं कि हाइड्रोजन गैस तुरंत आग पकड़ लेती है. लेकिन जब हम आग को भाप तक ले जाते हैं तो इसमें उपस्थित हाइड्रोजन गैस नहीं जलती, आखिर ऐसा क्यों होता है? आइए जानते हैं- 

वैज्ञानिकों ने पता लगा लिया कि पानी का फार्मूला H2O होता है. यानी पानी के अंदर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का अनुपात 2:1 होता है. इसी फार्मूले के आधार पर आज तक दुनिया का कोई भी वैज्ञानिक किसी भी प्रयोगशाला में पानी नहीं बना पाया. आज भी पानी को नेचुरल सोर्स से ही प्राप्त किया जाता है. 

वैज्ञानिकों द्वारा स्पष्ट किया जा चुका है कि पानी में हाइड्रोजन अपने मूल स्वरूप में नहीं होती, बल्कि ऑक्सीजन के साथ एक विशेष प्रक्रिया के गुजरने के बाद केवल उसके अवशेष (राख) होते हैं और आप तो जानते ही होंगे कि अवशेष (राख) में आग नहीं लग सकती. यही कारण है कि आग को बुझाने के लिए पानी (राख) का उपयोग किया जाता है. 

यदि पानी को आप उबालेंगे तो उसमें भाप उत्पन्न होगी, जिसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन अपने मूल स्वरूप में नहीं होंगे, बल्कि उनके अवशेष (राख) के रूप में होंगे. अब तो आप समझ ही गए होंगे कि जो चीज पहले से राख के रूप में है, वह दोबारा कैसे जल सकती है.

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