भारत में मौजूद है एक ऐसी जगह जहाँ जाने के लिए लेनी पड़ती है ब्रिटिश सरकार की इजाजत

15 अगस्त 1947 को देश आजाद हो गया था। भारत को अंग्रेजों से मुक्ति मिल गई थी तब से देश के हर कोने पर भारत सरकार का ही शासन है कि आप इस बात को जानते हैं कि भारत में एक ऐसी जगह भी है जहां आज भी इस सरकार की हुकूमत चलती है यहां
 
भारत में मौजूद है एक ऐसी जगह जहाँ जाने के लिए लेनी पड़ती है ब्रिटिश सरकार की इजाजत

15 अगस्त 1947 को देश आजाद हो गया था। भारत को अंग्रेजों से मुक्ति मिल गई थी तब से देश के हर कोने पर भारत सरकार का ही शासन है कि आप इस बात को जानते हैं कि भारत में एक ऐसी जगह भी है जहां आज भी इस सरकार की हुकूमत चलती है यहां आने से पहले ब्रिटिश सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है।

भारत में मौजूद है एक ऐसी जगह जहाँ जाने के लिए लेनी पड़ती है ब्रिटिश सरकार की इजाजत

हालांकि अब आप सोच रहे होंगे कि हम ब्रिटिश दूतावास की बात कर रहे हैं। जहां अंतरराष्ट्रीय कानून के चलते कुछ भी करने के लिए ब्रिटिश सरकार के अनुमति लेनी पड़ती है। जिन्हें हम बात कर रहे हैं उस जगह के बारे में जो भारत सरकार के अधिकार क्षेत्र में होती और भी उनकी पूरी नहीं है।

यह जगह है नागालैंड की राजधानी कोहिमा जिसे पूरी दुनिया को हिमावल समिति यानी कोहिमा युद्ध स्मारक के नाम से जानती है। यह दूसरे विश्व युद्ध में शहीद हुए 27 ब्रिटिश सैनिकों की कब्र है यहां पर जाने से पहले हर व्यक्ति को ब्रिटिश सरकार की इजाजत लेनी पड़ती है।

ब्रिटिश सरकार ने अपने सैनिकों की याद में इस जगह पर स्मारक बनवाया था। क्योंकि उस समय दुनिया के अधिकतर राज्यों में ब्रिटेन की हुकूमत इसलिए ऐसे कई स्मारक भारत के अलावा कई सारे दूसरे देशों में भी बने हुए हैं।

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