Covid-19: वैज्ञानिकों ने किया एक बड़ा दावा, कोरोना का इलाज कर सकती है बिल्ली के इलाज में इस्तेमाल होने वाली ये दवा

 
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कोरोनावायरस ने पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है। चीन से निकले इस वायरस में ना जाने कितने लोगों को अभी तक मौत के घाट उतार दिया है। हालांकि कोरोनावायरस की दवा और वेक्सीन बनाने के लिए वैज्ञानिक आज भी दिन रात मेहनत कर रहे हैं और इस वैक्सीन का ट्रायल भी अपने अंतिम चरण में है।

कोरोना के मरीजों का एक दूसरे इस्तेमाल होने वाली दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है । दवाओं को लेकर लगातार अध्ययन हो रहे हैं इस बीच एक अध्ययन में यह सामने आया है कि कीड़े मकोड़े मारने वाले दबाव में मिलने वाली सामग्री कोरोनावायरस के बचाव के लिए काफी ज्यादा कारगर है एक नए अध्ययन में है जानकारी मिली है कि बिल्ली के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा कोरोनावायरस कर सकती है।

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ब्रिटेन की रक्षा प्रयोगशाला द्वारा किए गए प्रारंभिक अध्ययन में इस बात का दावा किया गया है कि कीड़े मकोड़ों को मारने वाली दवाओं में पाए जाने वाले पदार्थ कोविड-19 के लिए जिम्मेदार कोरोनावायरस से बचाव करता है।

अध्ययन के अप्रकाशित परिणामों के मुताबिक ‘मोसी गार्ड स्प्रे या चयनित संघटक के साथ वायरस सस्पेंशन को मिलाने से सार्स-सीओवी-2 में कमी देखी गई।’ हालांकि यह साफ नहीं है कि ऐसे बार-बार हाथ धोने और अल्कोहल निर्मित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर वायरस से बचाव के अलावा कोई अंतर पैदा कर भी पाएगा या फिर नहीं।

सिट्रिओडियोल यूकालिप्टस सिट्रिओडोरा पेड़ के पत्तों एवं टहनियों से मिलता है और इसे डीट का प्राकृतिक विकल्प बताया जाता है।सैन्य विशेषज्ञों ने प्रयोग के लिए दो तरीके अपनाए हैं पहला तरीका उत्पादन विषाणु रोधी गतिविधियों का आकलन किया गया जब इसे द्रव्य की बूंद के रूप में सीधे वायरस पर डाला गया वहीं दूसरे तरीके से में उत्पादन का आकलन से बनी सिंथेटिक स्किन पर लगाकर किया गया।

अध्ययन इस बात को पाया गया कि 1 मिनट के द्रव्य सस्पेंशन परीक्षण में देखा गया है कि अगर विषाणु को द्रव्य चरण में मिलाया जाए तो मौसी गार्ड से सार्स-सीओवी-2 इंग्लैंड-2 आइसोलेट के खिलाफ विषाणु रोधी गतिविधि करता है। लेटेक्स पर किए गए

इस घातक वायरल बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा मनुष्यों के कोरोनावायरस संक्रमण के इलाज के लिए काफी प्रभावी साबित हो सकती है। एक अध्ययन में इस बात का दावा किया गया है जिसके परिणाम को विनायक उपचार में नए चिकित्सकीय तरीकों को विकसित करने के लिए लिए मददगार साबित हो सकते हैं।

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