गंजेपन की समस्या का काल है भगवान शिव का ये प्रिय फल, साथ ही दूर होती है कई बड़ी बीमारियां

धतूरा का नाम सुनते ही सबसे पहले भगवान शिव की याद आ जाती है। क्योंकि धतूरा भगवान शिव का प्रिय होता है इसलिए धतूरे का प्रयोग भगवान शिव की पूजा के दौरान ही किया जाता है। और इसे शिवलिंग पर चढ़ाया जाता है लेकिन कम लोग इस बात को जानते हैं कि धतूरे का प्रयोग
 
गंजेपन की समस्या का काल है भगवान शिव का ये प्रिय फल, साथ ही दूर होती है कई बड़ी बीमारियां

धतूरा का नाम सुनते ही सबसे पहले भगवान शिव की याद आ जाती है। क्योंकि धतूरा भगवान शिव का प्रिय होता है इसलिए धतूरे का प्रयोग भगवान शिव की पूजा के दौरान ही किया जाता है। और इसे शिवलिंग पर चढ़ाया जाता है लेकिन कम लोग इस बात को जानते हैं कि धतूरे का प्रयोग औषधि के रूप में किया जा सकता है जिससे कई बीमारियों का इलाज किया जाता है। हालांकि धतूरे का प्रयोग केवल शरीर के बाहरी अंगों पर किया जाता है। क्योंकि इसका सेवन जहर की तरह आपके शरीर को हानि पहुंचाता है। आयुर्वेद में प्रयोग सामने आई है। किधर दूरी के इस्तेमाल से आप आसानी से घर बैठे बैठे छोटी बड़ी बीमारियों से निजात पा सकते हैं।

गंजेपन की समस्या का काल है भगवान शिव का ये प्रिय फल, साथ ही दूर होती है कई बड़ी बीमारियां

धतूरे का प्रयोग से गहरे घाव को भरने में मदद मिलती है इसके अंदर एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं। जो गहरे घाव को जल्दी भर देता है हालांकि इस बात का ध्यान रखने की जरूरत है किसका इस्तेमाल ज्यादा गहरे जख्मों पर ना किया जाए क्योंकि यह हमारी सिर्फ ऊपरी सतह पर ही काम करता है।

आपको बता दें कि धतूरे में कुछ कुछ जहरीले तत्व पाए जाते हैं। जो इंसान के शरीर के लिए हानिकारक होते हैं इसलिए इसका प्रयोग करने से बचना चाहिए इसके अलावा इसका प्रयोग कान में दर्द होने पर किया जाता है। धतूरे में मौजूद एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण कान के दर्द में राहत दिलाता है। हालांकि बच्चों के कान में उपयोग करने से पहले आयुर्वेद के डॉक्टर से एक बार उसकी जरूर सलाह लें लें।

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