क्रिकेट के मैदान पर क्यों जरूरी होता है थर्डमैन, क्या होती है इसकी आवश्यकता और कैसे पड़ा नाम

क्रिकेट के मैदान पर क्यों जरूरी होता है थर्डमैन, क्या होती है इसकी आवश्यकता और कैसे पड़ा नाम
 
क्रिकेट के मैदान पर क्यों जरूरी होता है थर्डमैन, क्या होती है इसकी आवश्यकता और कैसे पड़ा नाम

क्रिकेट का खेल भारत में बहुत ज्यादा पसंद किया जाता है. वैसे तो क्रिकेट के बारे में आप लोगों को बहुत कुछ पता होगा. लेकिन बहुत ही कम लोगों को इस बारे में पता होगी कि क्रिकेट के मैदान पर थर्ड मैन की जरूरत क्यों होती है. थर्ड मैन  बाउंड्री के पास ऑफ़ साइड की तरफ़ विकेटकीपर के पीछे खड़ा होता है, जिसका दायरा 45 डिग्री के एंगल का होता है. दरअसल, थर्ड मैन तब काम आता है, जब विकेट कीपर या स्लिप पर खड़े खिलाड़ी से गेंद छूट जाये, तब यह खिलाड़ी रन रोकने में मदद करता है. मगर यह बहुत ही कम लोगों को पता होगा कि इसका नाम थर्ड मैन ही क्यों रखा गया. 

क्रिकेट के मैदान पर क्यों जरूरी होता है थर्डमैन, क्या होती है इसकी आवश्यकता और कैसे पड़ा नाम

दरअसल जबसे ओवरआर्म बॉलिंग की शुरुआत हुई तब से इस स्थान पर खड़े खिलाड़ी को थर्ड मैन कहा जाने लगा. इसे थर्ड मैन बोलने का कारण स्लिप और प्‍वॉइंट पर खड़े फ़ील्डर के बीच से गुज़रती गेंद को किसी तीसरे खिलाड़ी द्वारा पकड़ना है. इस वजह से इसका नाम थर्ड मैन पड़ा. 

बदलते क्रिकेट के दौर में आजकल थर्ड मैन की फील्डिंग को बहुत कम देखा जाता है. ज्यादातर थर्ड मैन का इस्तेमाल कप्तान इस फील्डिंग पोजीशन का इस्तेमाल कम करते हैं. अब थर्ड मैन प्‍वॉइंट पर ज्‍यादातर डाइव लगाकर कैच पकड़े जाते हैं. आजकल टेस्ट मैचों में थर्ड मैन की फील्डिंग को बहुत ही कम देखने को मिलती है. इसके पीछे का मुख्य कारण है कि ज्यादातर टीमें पहले की तरह खेल नहीं दिखाती. अब टीमें टेस्ट में भी बहुत ही आक्रामक होकर खेलती हैं.

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