जब बीमार पिता को लेकर विराट कोहली भटकते रहे थे दर-दर, किसी ने भी नहीं की थी मदद

जब बीमार पिता को लेकर विराट कोहली भटकते रहे थे दर-दर, किसी ने भी नहीं की थी मदद
 
जब बीमार पिता को लेकर विराट कोहली भटकते रहे थे दर-दर, किसी ने भी नहीं की थी मदद

विराट कोहली आज दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाज हैं. क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में उनके नाम कई रिकॉर्ड दर्ज है. हालांकि उनकी जिंदगी बचपन में काफी मुश्किलों से भरी रही थी. जब वह छोटे थे तभी उनके पिता का निधन हो गया था. विराट कोहली अपने पिता को बचाने के लिए दर-दर भटकते रहे थे और उस समय किसी ने भी उनकी मदद नहीं की थी. खुद विराट कोहली ने एक इंटरव्यू दिए इस बात का खुलासा किया था. उन्होंने बताया था कि कैसे उनकी जिंदगी एक ही पल में बदल गई.

जब बीमार पिता को लेकर विराट कोहली भटकते रहे थे दर-दर, किसी ने भी नहीं की थी मदद

विराट कोहली के पिता का 19 दिसंबर 2006 को ब्रेन स्ट्रोक की वजह से निधन हो गया. उस समय वह केवल 54 साल के थे और विराट कोहली 18 साल के थे और दिल्ली में रणजी ट्रॉफी में खेल रहे थे. विराट कोहली ने दिल्ली की तरफ से कर्नाटक के विरुद्ध मैच खेला था. उस मुकाबले में विराट कोहली ने 90 रन की पारी खेली थी और तब वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे.

विराट कोहली ने बताया कि उन्होंने अपने पिता को अपनी आंखों के सामने आखिरी सांस लेते हुए देखा था. पिता की मौत के बाद उनकी जिंदगी काफी बदल गई. लेकिन उनके भाई ने उनका बहुत साथ दिया. उनके भाई ने उनको क्रिकेटर बनाने में भी मदद की.

कोहली ने बताया कि जब मैं रणजी ट्रॉफी का मैच खेल रहा था तब मेरे पिता का निधन हुआ. लेकिन मुझे अगले दिन टीम के लिए बल्लेबाजी करनी थी. सुबह लगभग 2:30 बजे मेरे पिता का निधन हुआ. मैंने उन्हें आखिरी सांस लेते हुए देखा. हम उन्हें डॉक्टर के पास लेकर गए. लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला. हम सब उन्हें अस्पताल लेकर गए. लेकिन डॉक्टर उनको नहीं बचा सके. उस समय हर कोई रो रहा था. लेकिन मेरी आंखों में आंसू नहीं थे. मैं सन्न था. मेरे पापा हमेशा चाहते थे कि मैं भारतीय टीम के लिए खेलूं.

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