गरीबी को मात देकर स्टार बने टीम इंडिया के ये खिलाड़ी, किसी ने किया 35 रुपए में काम तो किसी को नसीब नहीं थी दो वक्त की रोटी

गरीबी को मात देकर स्टार बने टीम इंडिया के ये खिलाड़ी, किसी ने किया 35 रुपए में काम तो किसी को नसीब नहीं थी दो वक्त की रोटी
 
गरीबी को मात देकर स्टार बने टीम इंडिया के ये खिलाड़ी, किसी ने किया 35 रुपए में काम तो किसी को नसीब नहीं थी दो वक्त की रोटी

कहा जाता है कि कमल हमेशा ही कीचड़ में खिलता है. प्रतिभा की भी कोई क्लास नहीं होतीय भारतीय क्रिकेट जगत में एक से बढ़कर एक बेहतरीन क्रिकेटर हैं जिन्होंने गरीबी और तंगहाली में दिन बिताए. इन क्रिकेटरों ने गरीबी को मात देकर खूब नाम कमाया. आज ये खिलाड़ी किसी भी पहचान के मोहताज नहीं है. 

गरीबी को मात देकर स्टार बने टीम इंडिया के ये खिलाड़ी, किसी ने किया 35 रुपए में काम तो किसी को नसीब नहीं थी दो वक्त की रोटी

विनोद कांबली 

भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर विनोद कामली का परिवार बहुत ही गरीब हुआ करता था. वो मुंबई के एक चॉल में रहते थे. कांबली के परिवार में 7 लोग थे और कमाने वाले केवल उनके पिता ही थे. कांबली ने अपनी मेहनत के दम पर टीम इंडिया में जगह बनाई. 

भुवनेश्वर कुमार 

भारतीय टीम के बेहतरीन गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार मौजूदा समय में सबसे बेहतरीन स्विंग गेंदबाज है. भुवनेश्वर कुमार मेरठ के एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे. भुवनेश्वर कुमार के मुश्किल के दिनों में पिता और बहन का बहुत साथ दिया और उनको हमेशा ही क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया. भुवनेश्वर कुमार आज भारतीय क्रिकेट टीम के सफल खिलाड़ी है. 

पठान ब्रदर्स 

भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान और यूसुफ पठान दोनों ही भाइयों का बचपन गरीबी में गुजरा. पठान ब्रदर्स के पिता वडोदरा, गुजरात की एक मस्जिद में देख-रेख का काम किया करते थे. घर के सदस्यों को पिता के थोड़ी-सी कमाई से गुजारा करना पड़ता था. लेकिन मुश्किल दिनों  में भी इन दोनों भाइयों ने क्रिकेट खेलना नहीं छोड़ा और बाद में वह सफल क्रिकेटर बन गए. 

मुनाफ पटेल 

मुनाफ पटेल की जिंदगी भी काफी तंगहाली में भी बीती. एक वक्त 35 रुपए के लिए मुनाफ पटेल को रोजाना 8 घंटे काम करना पड़ता था. वो एक टाइल फैक्ट्री में काम किया करते थे. उनके परिवार के पास कपड़ों तक के लिए पैसे नहीं होते थेय वह साल में केवल एक बार कपड़े सिलाते थे. मुनाफ पटेल ने अपनी जिंदगी में हार नहीं मानी और उन्होंने टीम इंडिया में खास जगह बनाई. 

उमेश यादव 

भारतीय टीम के तेज गेंदबाज उमेश यादव के पिता कोयले की खान में काम किया करते थे और बड़ी मुश्किल से अपने परिवार को दो वक्त की रोटी दे पाते थे. कभी-कभी तो उन्हें वह भी नसीब नहीं होती थी. लेकिन उमेश यादव का बुरा वक्त बीता और उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर टीम इंडिया में जगह बनाई.

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