कामसूत्र की ये 64 कलाएं, जिसने जान ली, वो जिंदगी में कभी नहीं खाएगा मात

कामसूत्र की ये 64 कलाएं, जिसने जान ली, वो जिंदगी में कभी नहीं खाएगा मात
 
कामसूत्र की ये 64 कलाएं, जिसने जान ली, वो जिंदगी में कभी नहीं खाएगा मात

कामसूत्र ग्रंथ महर्षि वात्स्यायन ऋषि ने चौथी शताब्दी में लिखा था. 200 साल पहले सर रिचर्ड एफ बर्टन ने इसका अनुवाद किया तो इसे खरीदने के लिए लोगों में होड़ मच गई थी. इस ग्रंथ में वात्सायन ने 64 कलाओं का जिक्र किया है जिसे जानने वाला अपनी जिंदगी में कभी भी किसी भी क्षेत्र में मात नहीं खाएगा.

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जब कामसूत्र की बात होती है तो लोगों को लगता है कि यह किताब सेक्स पर आधारित है. लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. यह किताब सात हिस्सों में है. इस ग्रंथ के ज्यादातर हिस्सों में जिंदगी जीने से लेकर जीवन भर स्वस्थ रहने के उपाय भी बताए गए हैं. वात्सायन ने कामसूत्र में उन 64 कलाओं का जिक्र भी किया है जो जिंदगी में बहुत काम आएंगी. इन कलाओं का ज्ञान होना स्त्रियों के लिए ही नहीं पुरुषों के लिए भी बहुत जरूरी है.

प्रमुख कलाएं

गानविद्या, वाद्य, नृत्य, नाट्य, चित्रकारी, विचित्र सिद्धियाँ दिखलाना, कूटनीति, ग्रंथों को पढ़ाने का चातुर्य, समस्यापूर्ति करना, विभिन्न देशों की भाषा का ज्ञान, समस्त कोशों का ज्ञान.

वो कलाएं जिनसे कमाया जा सकता है पैसा

तरह-तरह के खाने की वस्तुएं बनाना, तरह-तरह के पेय पदार्थ बनाना, नाटक आख्यायिका आदि की रचना करना, बेल-बूटे बनाना, प्रतिमा आदि बनाना, बढ़ई की कारीगरी, ग्रह आदि बनाने की कारीगरी, सोने-चांदी, हीरे-पन्ने आदि धातु और रत्नों का परीक्षण, सोना-चांदी आदि बना लेना, गलीचे-दरियां आदि बनाना.

ये कलाएं भी हो सकती हैं उपयोगी

हाथ की फुर्ती के काम, कपड़े और गहने बनाना, विजय प्राप्त कराने वाली विद्या, खानों की पहचान, हार-माला आदि बनाना, कान और चोटी के फूलों के गहने बनाना, फूलों के आभूषणों से सिंगार करना, नई-नई बातें निकालना, रत्नों को नाना प्रकार के आकारों में काटना.

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