मैदान पर मैच के लिए इंतजार कर रही थी टीम, खिलाड़ी सोच रहा था सुसाइड का तरीका

मैदान पर मैच के लिए इंतजार कर रही थी टीम, खिलाड़ी सोच रहा था सुसाइड का तरीका
 
मैदान पर मैच के लिए इंतजार कर रही थी टीम, खिलाड़ी सोच रहा था सुसाइड का तरीका

हर किसी के जीवन में परेशानियां तो आती है. लेकिन कुछ लोग परेशानियों से भागना चाहते हैं. विश्व क्रिकेट में भी कई ऐसे खिलाड़ी रहे जिन्होंने अपनी परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए गलत रास्ता अपनाया. आज हम आपको एक ऐसे ही के क्रिकेटर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका टीम मैदान पर इंतजार कर रही थी. लेकिन यह खिलाड़ी सुसाइड के बारे में सोच रहा था.

मैदान पर मैच के लिए इंतजार कर रही थी टीम, खिलाड़ी सोच रहा था सुसाइड का तरीका

हम बात कर रहे हैं ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले मोइसेस हेनरिक्‍स की. वैसे तो हेनरिक्‍स का जन्म पुर्तगाल में हुआ था. लेकिन उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की ओर से तीनों प्रारूपों में क्रिकेट खेला. 2014 में हेनरिक्‍स सबसे पहले 16 साल की उम्र में सुर्खियों में आए थे. उस साल हेनरिक्‍स वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम में चुने गए थे. हेनरिक्स ने 18 साल की उम्र में न्यू साउथ वेल्स टीम के लिए फर्स्ट डेब्यू किया था. 22 साल की उम्र में वो न्यू साउथ वेल्स टीम के कप्तान बन गए थे.

मोइसेस हेनरिक्‍स का कैरियर चोटों के कारण काफी प्रभावित हुआ. 2015 में मैदान पर उनका भयंकर एक्सीडेंट हुआ था. वह इंग्लैंड में सर्रे के लिए खेलते समय साथी खिलाड़ी से टकरा गए थे. जिससे उनका जबरा फ्रैक्चर हो गया था. इसके चलते वो काफी लंबे समय तक क्रिकेट के मैदान से बाहर रहे. हेनरिक्‍स  2017 में डिप्रेशन में चले गए थे. 

एक बार खुद मोइसेस हेनरिक्‍स ने इस बात का खुलासा किया था कि जब वो 1 दिन सुबह सो कर उठे तब बिस्तर पर बैठे-बैठे रोने लगे. उन्हें कुछ समझ नहीं आया. सब कुछ होते हुए भी उन्हें उनके साथ ऐसा क्या हो रहा है. जब वह शेफील्ड शील्ड में मैच के लिए कार से जा रहे थे, तब उनके दिमाग में खुदकुशी के ख्याल आए. लेकिन वे सोचने लगे कि अगर गाड़ी को खंभे से टकरा देंगे तो क्या होगा. क्या होगा गाड़ी को पलटा दे. हालांकि बाद में उन्होंने डॉक्टरों की सहायता ली और इस बीमारी से उबरकर क्रिकेट में खूब नाम कमाया.

From around the web