पाकिस्तान में खाई जाती हैं पत्थर की रोटियां, जाने कैसे बनती है और क्या है परंपरा

पाकिस्तान में खाई जाती हैं पत्थर की रोटियां, जाने कैसे बनती है और क्या है परंपरा
 
पाकिस्तान में खाई जाती हैं पत्थर की रोटियां, जाने कैसे बनती है और क्या है परंपरा

पत्थर की रोटी का नाम सुनकर आप हैरान रह गए होंगे. लेकिन यह सच है. पाकिस्तान के बलूचिस्तान में लोग पत्थर की रोटियां खाते हैं, जिसे काक रोटी कहा जाता है. चलिए जानते हैं कि कैसे पत्थर की रोटी बनाई जाती है और कैसे इसे पकाया जाता है.

पाकिस्तान में खाई जाती हैं पत्थर की रोटियां, जाने कैसे बनती है और क्या है परंपरा

काक रोटी के बारे में 2008 में दुनिया को पता चला था. काक रोटी को बनाते समय आटे को एक गर्म पत्थर पर लपेटा जाता है. पत्थर के तापमान का पूरा ध्यान रखा जाता है. इस रोटी को लोग पके हुए मीट के साथ खाना पसंद करते हैं. यह रोटी पकने के बाद थोड़ा कठोर हो जाती है. इसीलिए इसे पत्थर की रोटी भी कहा जाता है.

इसे पकाने के लिए आटे को सूखे खमीर, चीनी, नमक, दूध और पानी से गूंथा जाता है. फिर इसे रोटी के आकार में बेलकर पहले गरम रखे पत्थर पर लपेटा जाता है और फिर इसे तंदूर में पकने के लिए रख दिया जाता है और ऊपर से तिल बुरक दिए जाते हैं. पकने के बाद यह रोटी काफी सख्त हो जाती है. 

काक रोटी बनाने का जिम्मा घर की बुजुर्ग महिलाओं का होता है. बलूची लोगों की यह प्रथा है कि शादी से पहले वाली रात को पिता अपनी बेटी जो कल दुल्हन बनने वाली है, को अपने हाथ से काक रोटी खिलाता है. ईरान में भी इस रोटी का चलन है

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