जानिए क्यों किया जाता है खिलाड़ियों का यो-यो टेस्ट, किस टीम का स्कोर है सबसे ज्यादा

जानिए क्यों किया जाता है खिलाड़ियों का यो-यो टेस्ट, किस टीम का स्कोर है सबसे ज्यादा
 
जानिए क्यों किया जाता है खिलाड़ियों का यो-यो टेस्ट, किस टीम का स्कोर है सबसे ज्यादा

क्रिकेट के खेल में फिटनेस की बहुत जरूरत होती है. यदि कोई खिलाड़ी फिट नहीं है तो उसके प्रदर्शन का असर पूरी टीम पर पड़ता है. बीसीसीआई की ओर से भारतीय टीम के खिलाड़ियों को टीम में आने से पहले यो यो टेस्ट पास करना होता है. अगर कोई खिलाड़ी इस टेस्ट में फेल हो जाता है तो उसे टीम से बाहर कर दिया जाता है. यदि किसी को भी भारतीय टीम की ओर से मैदान पर उतरना है तो उसे यो-यो टेस्ट पास करना जरूरी है. 

जानिए क्यों किया जाता है खिलाड़ियों का यो-यो टेस्ट, किस टीम का स्कोर है सबसे ज्यादा

एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का यो-यो टेस्ट पास करने का स्कोर सबसे कम है. भारतीय टीम में यो-यो टेस्ट पास करने का मानक 16.1 रखा गया है. जबकि इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के लिएके लिए यह स्कोर 19 है. साउथ अफ्रीका के लिए 18.5, श्रीलंका और पाकिस्तान के लिए 17.4 है. 

क्यों किया जाता है यो-यो टेस्ट?

खबरों के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट यो-यो टेस्ट के द्वारा पता करते हैं कि कोई बल्लेबाज सेंचुरी लगाने के बाद 3 रन से भागने में सक्षम होगा या नहीं. बता दें कि एक बार संजू सैमसन, मोहम्मद शमी और अंबाती रायडू यो-यो टेस्ट पास करने में असफल हो गए थे. रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी सवाल उठे थे. लेकिन वो यो-यो टेस्ट में पास हो गए थे. यदि कोई खिलाड़ी यो-यो टेस्ट पास नहीं कर पाता तो टीम में चयन के बाद भी वो किसी दौरे के लिए फिट नहीं माना जाता.

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