इन देशों में गर्भपात है गैरकानूनी, रेप के बाद भी महिलाओं को मजबूरी में देना पड़ता है बच्चों को जन्म

इन देशों में गर्भपात है गैरकानूनी, रेप के बाद भी महिलाओं को मजबूरी में देना पड़ता है बच्चों को जन्म
 
इन देशों में गर्भपात है गैरकानूनी, रेप के बाद भी महिलाओं को मजबूरी में देना पड़ता है बच्चों को जन्म

भारत सरकार ने गर्भपात को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है. पहले जहां महिलाएं 5 महीने तक एबॉर्शन करवा सकती थीं. अब यह सीमा बढ़ाकर 6 महीने कर दी गई है. लेकिन दुनिया में कई ऐसे देश भी हैं, जहां एबॉर्शन करवाना बहुत ही मुश्किल होता है. अगर ऐसा किया जाए तो महिलाओं को जेल की सजा तक हो सकती है.

इन देशों में गर्भपात है गैरकानूनी, रेप के बाद भी महिलाओं को मजबूरी में देना पड़ता है बच्चों को जन्म

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिकस डोमिनिकन रिपब्लिक, अल साल्वाडोर, निकारागुआ, वेटिकन सिटी और माल्टा जैसे देश है जहां एबॉर्शन करवाने की अनुमति नहीं है. इन देशों की महिलाएं बहुत असुरक्षित भी हैं. यहां रेप के बहुत मामले सामने आते हैं. फिर भी महिलाएं गर्भपात नहीं करा सकती.

माल्टा यूरोपियन यूरियन का एकलौता देश है, जहां किसी भी परिस्थिति में एबॉर्शन नहीं करवाया जा सकता. अगर कोई ऐसा करता है तो उसे 18 महीने से 3 साल तक जेल की सजा हो सकती है. जबकि एबॉर्शन करने वाला 18 महीने से 4 साल तक जेल की सलाखों के पीछे जा सकता है. साथ ही साथ उसकी डॉक्टरी की प्रैक्टिस का लाइसेंस भी रद्द हो सकता है.

ब्राजील में भी ऐसा ही नियम है. यहां महिलाओं को केवल तभी गर्भपात की अनुमति दी जाती है, जब उनकी जान को खतरा होने की संभावना होती है. चीली में भी ऐसा ही कानून है, जहां अगर आप अनचाहे गर्भ से परेशान हैं, लेकिन फिर भी आपको बच्चे को जन्म देना ही पड़ेगा. यहां बेहद गंभीर परिस्थितियों में एबॉर्शन की अनुमति मिलती है.

आयरलैंड में भी गर्भपात की अनुमति तभी मिलती है जब महिला की जान को खतरा हो. नहीं तो अगर महिला किसी और वजह से गर्भपात कराती है तो उसे जेल की सजा हो सकती है. नाइजीरिया में भी ऐसा ही कानून है. ईरान, सऊदी अरब और इंडोनेशिया में भी ऐसा ही नियम है.

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