जानिए उस महिला के बारें में जिसने आजादी से 40 साल पहले ही विदेश में फहरा दिया था भारत का झंडा

15 अगस्त 1947 को हमारे देश भारत को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी मिली थी। आपको बता दें कि यह दिन हर भारतवासी के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है इस साल हमारा देश में 74 वें स्वतंत्रता दिवस को मनाया गया है। स्वतंत्रा दिवस के अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री लाल किले पर ध्वजारोहण करते हैं
 
जानिए उस महिला के बारें में जिसने आजादी से 40 साल पहले ही विदेश में फहरा दिया था भारत का झंडा

15 अगस्त 1947 को हमारे देश भारत को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी मिली थी। आपको बता दें कि यह दिन हर भारतवासी के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है इस साल हमारा देश में 74 वें स्वतंत्रता दिवस को मनाया गया है। स्वतंत्रा दिवस के अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री लाल किले पर ध्वजारोहण करते हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसी भारतीय महिला के बारे में बताने वाले हैं। जिसने आजादी से 40 साल पहले ही विदेश में भारत का झंडा फहराकर अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दे दी थी।

जानिए उस महिला के बारें में जिसने आजादी से 40 साल पहले ही विदेश में फहरा दिया था भारत का झंडा

आपको बता दें कि यहां पर हम जिस महिला की बात कर रहे हैं उनका नाम है भीका जी कामा यह भारतीय मूल की पार्टी नागरिक के जिन्होंने लंदन से लेकर जर्मनी और अमेरिका तक भ्रमण कर भारत की स्वतंत्रता के पक्ष में माहौल बनाया था। भीका जी द्वारा पेरिस से प्रकाशित होने वाला वंदे मातरम पत्र प्रवासी भारतीयों में काफी ज्यादा फेमस हुआ था।

भीका जी कामा ने जिस झंडे को जर्मनी में लहराया था उसमें देश के विभिन्न धर्मों की भावनाओं और संस्कृति को समेटने की कोशिश की गई थी आपको बता दें कि ठंडे में इस्लाम हिंदुत्व और बौद्ध उम्मत को प्रकाशित करने के लिए हरा पीला और लाल रंग का इस्तेमाल किया गया था। इसके साथ ही झंडे के बीच में वंदे मातरम भी लिखा हुआ था।

भीकाजी कामा ने अंतरराष्ट्रीय सोशलिस्ट कांग्रेस में दिए अपने भाषण में कहा था कि भारत में ब्रिटिश शासन जारी रहना मानवता के नाम पर कलंक है। एक महान देश भारत के हित को इससे भारी क्षति पहुंच रही है। उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से भारत को दास्तां है।

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