क्या सच में चीटियां खाने से बढ़ती है एक व्यक्ति की आयु, जानिए सच या मिथ

कोलंबिया के एंडीज पहाड़ों पर बसे औपनिवेशिक शहर बारिचरा नए साल का सबसे अहम दिन क्रिसमिस नया साल या ईस्टर का नहीं होता यहां साल के सबसे अहम दिन को स्थानीय लोग ‘ला सैलिडा’ कहते हैं जिसका अर्थ होता है। बाहर निकाला इस दिन बारिचरा की गलियों में कुछ होने की आशा बढ़ जाती है
 
क्या सच में चीटियां खाने से बढ़ती है एक व्यक्ति की आयु, जानिए सच या मिथ

कोलंबिया के एंडीज पहाड़ों पर बसे औपनिवेशिक शहर बारिचरा नए साल का सबसे अहम दिन क्रिसमिस नया साल या ईस्टर का नहीं होता यहां साल के सबसे अहम दिन को स्थानीय लोग ‘ला सैलिडा’ कहते हैं जिसका अर्थ होता है। बाहर निकाला इस दिन बारिचरा की गलियों में कुछ होने की आशा बढ़ जाती है गलियां बुरहान ए वाले और घरों में साफ-सफाई करने वाले लोग अपना काम बंद कर देते हैं। बच्चे स्कूल से बाहर निकल जाते हैं और दुकानदार दुकान छोड़कर गायब हो जाते हैं।

क्या सच में चीटियां खाने से बढ़ती है एक व्यक्ति की आयु, जानिए सच या मिथ

आपको बता दें कि इस दिन सभी लोग बड़ी चींटी की तलाश करते हैं जिसको उत्तर मध्य कोलंबिया के सांटेंडर इलाके में कैवियार (मछली के बेशकीमती अंडे) समझा जाता है हर साल बसंत में आसपास के देहाती इलाकों में ऐसी चीटियां पकड़ी जाती हैं। मनोवैज्ञानिक से से बनी मार्गेरीटा हिगुएरा 2000 से बारिचरा में रह रही हैं। वह कहती हैं, “इसमें पहले आओ पहले पाओ चलता है। अगर आपने किसी चींटी के घोंसले के ऊपर अपनी बाल्टी रख दी तो वह आपका हुआ, भले ही जमीन आपकी हो या न हो।”

हर साल मार्च-अप्रैल में यह उत्सव तब होता है जब भारी बारिश के कारण तेज धूप निकली हुई हो और रात में चांदनी बिजी हो आपको बता दें कि चीटियों का सालाना प्रश्न मौसम शुरु होता है। जो 2 महीने तक लगातार जारी रहता है इसी दौरान स्थानीय लोग ज्यादा से ज्यादा रानी चीटियों को पकड़ने के लिए छिनछापति करते हैं।

अंडा से भरी हुई और प्रेजेंट लिए तैयार बुरी कॉकरोच के आकार की रानी चीटियां किसी ट्रॉफी की तरह होती हैं। उनका पिछला हिस्सा फुल कर मटर के दाने जैसा होता है इसे नमक मिलाकर भूलने से यह मूवी पॉपकॉर्न या खान जैसा लजीज हो जाता है। वीडियो के पंखों को अलग करते हुए हिंगोरिया कहती हैं कि मेरे लिए यह जाए का बेहद अनोखा है।

आपको बता दें कि रानी चीटियों को लजीज पकवान की तरह खाया जाता है। सड़क किनारे ही कुछ दुकानों पर उनको तैयार किया जाता है। कामकाजी परिवार और रसोइयों में उनको भुना जाता है और भी पूरे कोलंबिया के महंगे रेस्टोरेंट के मैन्यू में भी शामिल हैं 1 किलो रानी चीटियों के बदले 365000 की 65 पाउंड मिल सकते हैं। इस तरह यह कोलंबिया के मशहूर कॉफी से भी महंगे हैं स्थानीय लोगों के लिए यह कमाई का काफी ज्यादा अच्छा स्रोत माना जाता है।

आपको बता दें यह काम टखने की ऊंचाई तक के रबर बूट और लंबी आस्तीन पहनकर किया जाता है। काम तेजी से निपटाना पड़ता है वरना रानी की सुरक्षा के लिए तैनात कॉलोनी की सैनिक चीटिंयां हमला कर देती हैं। उनके काटने से तीखा दर्द होता है और खून भी बाहर आ जाता है। गांव वाले खेतों में फैल जाते हैं और आसपास जो भी हो फैला मत बर्तन बोरा उसमें रानी चीटियों को जमा करने लगते हैं। यह काम दिन में होता है। जबकि उनका लजीज पकवान रात के भोजन में खाया जाता है।

हाल ही के वर्षों में चीटियों के खाने की लोकप्रियता बढ़ी है इसकी पहचान अब स्थानीय व्यंजन के तौर पर पौष्टिक खाने की ओर की गई है। ग्राहकों की मांग पूरी करने के लिए हर साल ट्रकों से भरकर रानी चिड़िया पूरे कोलंबिया में भेजी जाती है। राजधानी बागोडा के महंगे रेस्टोरेंट के सिग्नल मैन्यू में भिन्न को शामिल किया जाता है। जैसे मिनी माल जिसमें चीटियों को ऐमेज़ॉन की फिर आपको मछली के साथ परोसा जाता है या फिर भुने हुए बीच के साथ काली मिर्च और चींटियों की चटनी भी जाती है। आपको बता दें कि चीटियां कोलंबिया के खानपान का सबसे जरूरी हिस्सा है।

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