अगर इस दुनिया में चाँद न होता तो धरती पर मानव जीवन की कल्पना करना भी होता असंभव

यह बात तो आप सभी जानते होंगे कि चंद्रमा पृथ्वी का एकमात्र ऐसा प्राकृतिक उपग्रह है। यह खुद से नहीं चमकता बल्कि सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित होता है चांद पर अब तक 12 लोग कदम रख चुके हैं। और यह भी आपको पता ही होगा कि लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि जिस
 
अगर इस दुनिया में चाँद न होता तो धरती पर मानव जीवन की कल्पना करना भी होता असंभव

यह बात तो आप सभी जानते होंगे कि चंद्रमा पृथ्वी का एकमात्र ऐसा प्राकृतिक उपग्रह है। यह खुद से नहीं चमकता बल्कि सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित होता है चांद पर अब तक 12 लोग कदम रख चुके हैं। और यह भी आपको पता ही होगा कि लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि जिस चांद के बारे में हम इतना सब कुछ जानते हैं अगर वह भी नहीं होता तो क्या होता।

अगर इस दुनिया में चाँद न होता तो धरती पर मानव जीवन की कल्पना करना भी होता असंभव

जी हां जानकारी के लिए आपको बता दें कि अगर चांद नहीं होता तो धरती पर दिन-रात 24 घंटे की वजह से 12 घंटे ही होते 1 साल में 365 दिन नहीं बल्कि हजार से 14 हजार के आसपास दिन होते ।

यह बात तो आप सभी जानते होंगे कि रात में हल्की रोशनी चांद के कारण होती है। लेकिन जब चांद ही नहीं होगा तो रोशनी किस वजह से होगी जिसके कारण हमेशा अंधेरा ही रहेगा। चांद अगर नहीं होता तो धरती पर ना तो चंद्रग्रहण होता और नाहीं सूर्य ग्रहण क्योंकि सूरज को ढकने के लिए चंद्रमा ही नहीं होता।

चूंकि पृथ्वी 23.5 अक्ष पर झुकी हुई है, लेकिन अगर चांद नहीं होता तो ये किसी को नहीं पता कि पृथ्वी का झुकाव कितने अक्ष पर होता और उस झुकाव के कारण पृथ्वी पर कैसा मौसम होता।
वैज्ञानिकों की मानें तो अगर चांद नहीं होता तो शायद धरती पर मानव जीवन संभव ही नहीं होता क्योंकि समुद्रों में ज्वार भाटा ही नहीं आता जिससे जमीन और समुद्री जल के बीच पोषक तत्वों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया धीरे हो जाती है। और धरती पर मानव जाति नहीं होती

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