अधिकतम कितनी सीटों पर चुनाव लड़ सकता है एक उम्मीदवार, अगर हर सीट पर जीत जाए तो क्या होगा? यहां जानिए सबकुछ

 
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देश में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिए चुनाव आयोग ने तारीखों की घोषणा भी कर दी है. अब सभी राजनीतिक पार्टियां प्रचार में जुटी हुई हैं. ऐसी खबर है कि इस बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या से चुनाव लड़ने जा रहे हैं. वहीं यह कहा जा रहा है कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी आदमपुर और चमकौर साहिब से चुनाव लड़ सकते हैं. वैसे ऐसा पहली बार नहीं है, जब कोई नेता 2 सीटों से चुनाव लड़ रहा हो.

2019 के आम चुनावों में राहुल गांधी 2 सीटों से चुनाव लड़े थे, जिसमें से वह वायनाड से जीत गए थे और अमेठी से हार गए थे. लेकिन अगर दोनों सीटों पर वह जीत जाते तो क्या होता. क्या आपने कभी सोचा है. 

कितनी सीटों पर चुनाव लड़ सकता है प्रत्याशी 

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम एक्ट की धारा 33 के तहत एक उम्मीदवार अधिकतम 2 सीटों पर चुनाव लड़ सकता है. हालांकि पहले ऐसा नहीं था. पहले एक उम्मीदवार कितनी भी सीटों पर चुनाव लड़ सकता था. लेकिन 1996 में इस अधिनियम में संशोधन किया गया और संख्या दो कर दी गई.

दोनों सीट पर जीत जाए उम्मीदवार तो क्या होगा 

उम्मीदवार 2 सीटों पर चुनाव तभी लड़ता है, जब उसे डर होता है कि वह एक सीट पर हार जाएगा. लेकिन अगर उम्मीदवार दोनों सीटों पर जीत जाए तो क्या होगा. ऐसे में प्रत्याशी को एक सीट छोड़नी पड़ती है और चुनाव परिणाम आने के 10 दिन के भीतर उसे ऐसा करना पड़ता है. फिर खाली हुई सीट पर दोबारा से उपचुनाव कराया जाता है. इससे चुनाव आयोग की परेशानी बढ़ जाती है. हालांकि इस नियम को लेकर कई बार सवाल उठाए गए. लेकिन अभी तक कोई भी संशोधन नहीं हुआ है.

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