CRPF की वो कोबरा बटालियन. जिसके कमांडोज ने छत्तीसगढ़ में खतरनाक नक्सलियों से की लड़ाई 

 
CRPF की वो कोबरा बटालियन. जिसके कमांडोज ने छत्तीसगढ़ में खतरनाक नक्सलियों से की लड़ाई

छत्तीसगढ़ के बीजापुर-सुकमा बॉर्डर पर नक्सली हमला हुआ जिसमें सीआरपीएफ के 22 जवान शहीद हो गए और 33 जवान घायल हुए. ये सभी सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के जवान थे, जिनको नक्सलियों और जम्मू कश्मीर में आतंकियों से लड़ने के लिए ही तैयार किया गया था. 

कोबरा बटालियन सीआरपी की स्पेशल ऑपरेशन यूनिट है. इसकी मंजूरी भारत सरकार ने 2008 में दी थी. 13 साल के अंदर इसकी 10 यूनिट तैयार हो चुकी हैं. इस बटालियन को इंस्पेक्टर जनरल रैंक का अधिकारी हेड करता है. इन कमांडोज की ट्रेनिंग बहुत ज्यादा मुश्किल होती है. इन्हें गुरिल्‍ला वॉरफेयर, फील्‍ड इंजीनियरिंग, विस्‍फोटकों का पता लगाने, जंगल में जान बचाने की टेक्निक समेत उग्रवादियों और नक्‍सलियों से लड़ना भी सिखाया जाता है.

2011 में कोबरा बटालियन के कमांडोज ने 66 नक्सलियों को ढेर किया था और 866 संदिग्‍धों को गिरफ्तार किया. कोबरा कमांडो को 9 वीरता पुरस्कार भी मिल चुके हैं, जिनमें दो शौर्य चक्र भी शामिल है. कोबरा कमांडो आशीष कुमार तिवारी को शौर्य चक्र दिया गया था, जिन्होंने अकेले ही नक्सलियों से लोहा लिया था. असिस्‍टेंट कमांडेंट आरवी मिश्रा को भी शौर्य चक्र से सम्‍मानित किया जा चुका है.

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