भारत कभी नहीं बन सकता अफगानिस्तान, हिंदुओं को जावेद अख्तर ने बताया सहिष्णु बहुसंख्यक

 
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मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में एक लेख लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे सभ्य और सहिष्णु बहुसंख्यक हिंदू हैं. पिछले दिनों अख्तर ने तालिबान की तुलना दक्षिणपंथी समूह आरएसएस और वीएचपी से की थी, जिस वजह से वह आलोचकों के निशाने पर आ गए थे. अब उन्होंने सामना में अपना यह लेख लिखा है.

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जावेद अख्तर ने बिना भाजपा का नाम लिए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के एक बयान के संदर्भ में कहा था कि सीएम उद्धव ठाकरे के आलोचक भी उन पर भेदभाव या अन्याय का आरोप नहीं लगा सकते. बता दें कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बयान में कहा था कि केंद्रीय मंत्री नारायण रामे की तिरंगा यात्रा के बाद शिवसेना द्वारा दिवंगत शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के अस्थाई स्मारक की शुद्धिकरण करना उनकी तालिबानी मानसिकता दर्शाता है.

बीते 3 दिसंबर को जावेद अख्तर ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में यह भी कहा था कि तालिबान एक इस्लामिक स्टेट चाहता है. उसी तरह जो लोग हिंदू राष्ट्र चाहते हैं उनकी मानसिकता भी एक समान है. मुसलमान हो, इसाई हो, यहूदी हो या फिर हिंदू. बेशक तालिबान बर्बर है. उनकी हरकतें बहुत ही शर्मनाक है. लेकिन विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बजरंग दल के समर्थकों की मानसिकता भी उसी तरह की है.

लेकिन इस बयान की वजह से जब जावेद अख्तर की खूब किरकिरी हुई तो उन्होंने सामना में अपने लेख में लिखा- हाल ही में मैंने एक साक्षात्कार में कहा था कि पूरी दुनिया में सबसे सहिष्णु हिंदू बहुसंख्यक है. कई बार मैंने कहा है कि भारत कभी भी अफगानिस्तान नहीं बन सकता, क्योंकि भारतीय स्वभाविक रूप से कट्टरपंथी नहीं हैं. उनके डीएनए में ही उदारता है.

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