कैसे पहचानें असली और नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन, यहां जाने

 
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कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है. कोरोना के इलाज में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कभी-कभी जरूरत पड़ती है, जिस वजह से इसकी भारी डिमांड है. लेकिन अब मांग के हिसाब से इस इंजेक्शन की सप्लाई नहीं हो रही, जिस वजह से बाजार में महंगी कीमतों पर इंजेक्शन बेचे जा रहे हैं. इतना ही नहीं नकली रेमडेसिविरइंजेक्शन भी बिक रहे हैं. ऐसे में आपको रेमडेसिविर असली है या नकली, इस बारे में पता होना चाहिए.

कैसे करें असली रेमडेसिविर की पहचान 

दिल्ली पुलिस ने एक अभियान के तहत ट्वी ट कर यह बताया कि कैसे नकली और असली रेमडेसिविर इंजेक्शन की पहचान की जा सकती है. पुलिस ने बताया कि कोई भी रेमडेसिविर इंजेक्शन covipri के नाम से नहीं आती है. हाल ही में इससे जुड़े गैंग का पर्दाफाश हुआ और नकली दवाएं जब्त की गई. पुलिस ने 7 अपराधी पकड़े.

नकली रेमडेसिविर में अंग्रेजी लिखावट में कई अशुद्धियां पाई गई हैं, जैसे कि नकली For used in india. Not for export लिखा होगा जो कि गलत अंग्रेजी है. इसी तरह ‘caution’ में लिखा गया है कि “It is a dangerous to take this preparation Except under medical supervision”  जो व्याकरण के हिसाब से पूरी तरह गलत है. इंजेक्शन के डिब्बे पर कंपनी का पता भी गलत है. इसमें लिखा गया है कि मेट्टूपलायम और सिंगटम में दवा बनी है. सिंगटम सिक्किम में है, वहीं मेट्टूपलायम तमिलनाडु में. इन दोनों जगह को एक ही एड्रेस के तहत दिया गया है.

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