पीएम मोदी के काफिले की कैसे होती है सुरक्षा और क्या है एसपीजी की ब्लू बुक? जानिए सब कुछ

 
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पुलिस देश की सुरक्षा के लिए होती है. लेकिन देश की बड़ी-बड़ी शख्सियतों को खाद सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है. प्रधानमंत्री की सुरक्षा जिम्मेदारी एसपीजी के कंधों पर होती है. लेकिन एसपीजी कैसे काम करती है और कैसे प्रधानमंत्री  की सुरक्षा करती है. इस बारे में आज हम आपको सब कुछ बताएंगे. साथ ही यह भी बताएंगे कि एसपीजी की ब्लू बुक और एसपीजी एक्ट में क्या है.

एसपीजी का गठन 1988 में किया गया था. बीबीसी की रिपोर्ट की मानें तो सालाना प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था पर 375 करोड़ रुपए खर्च होते हैं. एसपीजी प्रधानमंत्री को जहां कहीं दौरे पर जाना होता है, उस स्थान का निरीक्षण पहले एसपीजी सिक्योरिटी करती है. वहां एसपीजी का दस्ता तैनात किया जाता है और आईबी की सुरक्षा एजेंसियां भी उसके संपर्क में रहती है. 

पीएम के दौरे से पहले एसपीजी की एडवांस सिक्योरिटी लिएज़न की होती है, जिसमें स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद होते हैं. पीएम के दौरे से पहले मूवमेंट की पूरी ड्रिल तैयार की जाती है, जिसमें हर विकल्प को रखा जाता है. इसमें ठहरने के विकल्प से लेकर रूट का विकल्प भी शामिल होता है और आपातकालीन परिस्थिति के लिए सुरक्षित ठिकाने भी तैयार किए जाते हैं. 

क्या है ब्लू बुक

ब्लू बुक में एसपीजी के लिए पीएम के राज्यों के दौरे से जुड़े सभी दिशा-निर्देश दिए गए हैं. यह निर्देश गृह मंत्रालय द्वारा दिए जाते हैं, जिसके मुताबिक, पीएम के दौरे से 3 दिन पहले एसपीजी राज्य के पुलिस अधिकारियों, आईबी, जिला मजिस्ट्रेट और अन्य जरूरी लोगों के साथ मीटिंग करती है और और हर परिस्थिति के लिए योजना तैयार की जाती है.

क्या कहता है एसपीजी एक्ट 

एसपीजी एक्ट 1988 में अस्तित्व में आया था, जिसमें पीएम की सुरक्षा और एसपीजी की जिम्मेदारियों का वर्णन किया गया है. इस एक्ट के मुताबिक, एसपीजी प्रधानमंत्री और उनके परिवार वालों को सुरक्षा प्रदान करेगी. एक समय तक पूर्व प्रधानमंत्री को भी एसपीजी सुरक्षा मुहैया कराई जाती थी. लेकिन अब केवल प्रधानमंत्री को ही यह सुरक्षा दी जाती है.

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