कोरोना से जंग के लिए सेनाओं को मिली इमरजेंसी पावर, जाने क्या होता है इसका मतलब और कब मिलती हैं ये शक्तियां 

 
कोरोना से जंग के लिए सेनाओं को मिली इमरजेंसी पावर, जाने क्या होता है इसका मतलब और कब मिलती हैं ये शक्तियां

रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि मिलिट्री को आपातकालीन आर्थिक शक्तियों से लैस किया गया है. यह शक्तियां मिलिट्री को कोविड-19 महामारी के खिलाफ जंग को और तेज करने के मकसद से दी गई हैं. महामारी के इस दौर में सेना, वायुसेना और नौसेना तीनों ही देश की जनता की सेवा में लगी हुई है. 

जो शक्तियां सेनाओं के कमांडर को मिली है उसके तहत उन्हें क्वारंटाइन फैसिलिटी को ऑपरेट करने, अस्पतालों को संचालित करने और महामारी के लिए जरूरी सपोर्ट सिस्टम खरीदने की मंजूरी दी गई है. रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया- सभी कमांडर को मिली यह शक्तियां उन्हें क्वारंटाइन अस्पतालों को शुरू करने और उन्हें संचारित करने, उपकरणों की खरीद, मैटेरियल, स्‍टोर्स के रखरखाव और कई और सेवाओं में मदद करेंगी.

पिछले दिनों सेना, वायु सेना और नौसेना की तरफ से मंत्रालय से आपातकालीन शक्तियां देने की मांग की गई थी. आर्थिक शक्तियां सेनाओं को ‘Schedule 23 of ASP in DFPDS-2016’ के तहत दी गई हैं. DFPDS-2016 का शेड्यूल 23 आपातकालीन आर्थिक शक्तियों से जुड़ा है, जिसके तहत स्‍टोर्स, उपकरणों, व्‍हीकल्‍स की खरीद के अलावा, स्‍पेशल सर्विसेज को हायर करना, मानवबल या फिर मशीनरी को शामिल करना आता है. 

जब देश में युद्ध जैसे हालात होते हैं या प्राकृतिक आपदा आती है तो मिलिट्री को तैयारियों के लिए जरूरी आपातकालीन या तुरंत खरीद के लिए शक्तियां दी जाती हैं. शेड्यूल 23 के तहत इन शक्तियों का प्रयोग प्राकृतिक आपदा और युद्ध जैसे हालातों में तब समय होता है जब सरकार की तरफ से किसी घटना को एक ऑर्डर के जरिए युद्ध, प्राकृतिक आपदा या फिर तबाही के तौर पर घोषित किया जाता है या जब रक्षा मंत्री घोषणा करते हैं और आपातकाल के लिए सैन्‍य तैयारियों या फिर तुरंत मिलिट्री जरूरतों का आदेश देते हैं.

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