बिहार: लॉकडाउन को लेकर राजग में रार, जायसवाल ने कहा, जमीनी हकीकत समझ में आई

 
बिहार: लॉकडाउन को लेकर राजग में रार, जायसवाल ने कहा, जमीनी हकीकत समझ में आईपटना, 5 मई (आईएएनएस)। बिहार में कोरोना संक्रमण की बढ़ी रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने लॉकडाउन लगा दिया हो, लेकिन सत्ताधारी गठबंधन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में लॉकडाउन के मुद्दे पर प्रारंभ हुई तकरार कम होती नहीं दिख रही है।

बिहार में लॉकडाउन लगाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने बुधवार को जदयू नेताओं पर कटाक्ष करते हुए अपने फेसबुक पेज पर बिना किसी के नाम लिए लिखा, मेरा नाम लेकर राजनीतिक बयानबाजी करने वाले नेताओं से भी उम्मीद है कि उन्हें जमीनी हकीकत समझ में आ रही होगी।

दरअसल, जायसवाल का इशारा जदयू के उस नेता पर है, जिन्होंने जायसवाल के शुक्रवार से लेकर सोमवार तक बंदी करने की सलाह पर उनपर कटाक्ष किया था।

जायसवाल ने सर्वदलीय बैठक में कहा था कि कोरोना वायरस के प्रसार को वाकई रोकना है तो हमें हर हालत में शुक्रवार शाम से सोमवार सुबह तक की बंदी करनी ही होगी।

इस बयान के बाद जदयू के नेता और सांसद ललन सिंह ने साफ कहा कि बिहार में लॉकडाउन की मांग करने वाले नेता अखबारी हैं और केवल सुर्खियों में रहने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।

जाहिर है उनका निशाना सीधे भाजपा अध्यक्ष ही थे। ललन सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खास माने जाते हैं।

वहीं, जदयू के नेता और मुख्यमंत्री नीतीश के खास माने जाने वाले जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी ट्वीट कर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को नसीहत दी कि यह राजनीति का वक्त नहीं है।

राजग में शमिल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने लॉकडाउन को लेकर बड़ी शर्त रखते हुए कहा, मैं लॉकडाउन का समर्थन करूंगा, यदि तीन महीना तक सबका बिजली बिल, पानी बिल, स्कूल, कॉलेजों की फीस माफ कर दिया जाए, किराएदारों का किराया, बैंक लोन ईएमआई माफ कर दिया जाए।

इसके बाद जायसवाल ने लॉकडाउन को लेकर चुप्पी साध ली थी, लेकिन जब राज्य में लॉकडाउन की घोषणा की गई तब वे फिर मुखर हो गए।

जायसवाल ने अपने फेसबुक पेज लोगों से अपील करते हुए लिखा, बिहार सरकार ने 11 दिनों का लॉकडाउन लगा दिया है। कृपया इसका पालन करें और अपने तथा अपने परिवार की जीवन रक्षा करें।

उन्होंने कहा कि नागरिकों के हित के लिए सरकारों को कुछ कठिन फैसले लेने ही पड़ते हैं। आज भी विश्व के आधे देशों के विभिन्न राज्यों में लॉकडाउन लगा हुआ है।

उन्होंने कहा, राज्यपाल की बैठक में जब मैंने 62 घंटे के शुक्रवार शाम से सोमवार सुबह तक के लॉकडाउन की बात की थी तब बिहार में केस 40 हजार से कम थे पर आज एक लाख से ज्यादा एक्टिव केस होने के कारण बिहार सरकार के पास जनता की भलाई का कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

उन्होंने भाजपा के सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह करते हुए कहा कि वह अपने क्षेत्र में रहें और अस्पतालों की चिंता करें। जनता को भी मास्क तथा 2 गज दूरी के लिए जागरूक करें।

--आईएएनएस

एमएनपी/एएनएम

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