पेगासस साजिश में शामिल एमनेस्टी, सरकार को बदनाम करने की साजिश : सरमा

 
पेगासस साजिश में शामिल एमनेस्टी, सरकार को बदनाम करने की साजिश : सरमागुवाहाटी/अगरतला, 20 जुलाई (आईएएनएस)। यह दावा करते हुए कि एमनेस्टी इंटरनेशनल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को बदनाम करने के लिए पेगासस की अंतर्राष्ट्रीय साजिश में सीधे तौर पर शामिल है, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को केंद्र सरकार से भारत में उसकी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।

अंतराष्र्ट्ीय संस्था की निंदा करते हुए सरमा ने कहा कि एमनेस्टी इंटरनेशनल दुनिया भर में विभिन्न वामपंथी संगठनों को उनकी साजिशों के तहत मदद कर रहा है। भारत में एमनेस्टी इंटरनेशनल की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए, सीएम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे भारतीय लोकतंत्र को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं और इसीलिए संसद के मानसून सत्र की शुरूआत से ठीक पहले इस मुद्दे को उठाया गया है।

गृह विभाग का भी प्रभार संभालने वाले सरमा ने कहा, यह स्पष्ट है कि एमनेस्टी इंटरनेशनल भारत के लोकतांत्रिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। मैंने उन्हें भारत के खिलाफ किसी भी तरह की हानिकारक गतिविधियों और किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने की चेतावनी दी है।

उन्होंने दावा किया कि जब भी भारत ने कोई मुकाम हासिल किया और इस बार देश ने कोविड-19 को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया, उस समय ऐसी साजिशें शुरू हो जाती हैं। सरमा ने कहा, एमनेस्टी इंटरनेशनल भारत, भारतीय संसद को बदनाम करने के लिए ओवरटाइम काम कर रहा है। वे लोगों में असंतोष पैदा करने के लिए जानबूझकर प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि टेलीफोन टैपिंग में एक विशिष्ट प्रणाली और प्रक्रिया है लेकिन भारत सरकार ने स्पष्ट रूप से और समान रूप से इनकार किया कि भारत में ऐसा कुछ हुआ या किया गया। मुख्यमंत्री ने इस घटनाक्रम को दुर्भावनापूर्ण डिजाइन और गहरी साजिश करार देते हुए कहा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कोई भी उनके टेलीफोन हैंडसेट या फोरेंसिक जांच के लिए आगे नहीं आया, ताकि अधिकारियों को सटीक घटना का पता लगाने में मदद मिल सके।

सरमा, जो भाजपा के एक वरिष्ठ नेता भी हैं, ने इस मुद्दे पर संसद में हंगामा करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा, 2013 में आरटीआई के जवाब में तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने कहा था कि वह 5,000 फोन और 500 ईमेल खातों पर निगरानी कर रही है।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने मंगलवार को दिल्ली में कहा कि पेगासस का मुद्दा लोगों को गुमराह करने के लिए उठाया गया है।

देब, जो वर्तमान में राष्ट्रीय राजधानी में हैं, ने मीडिया से कहा, फोन टैपिंग की खबरें संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले आईं। वे (विपक्ष) सत्र को सुचारू रूप से नहीं चलने दे रहे हैं। कोविड की स्थिति पर चर्चा करने के बजाय, वे (विपक्ष) स्थगन नोटिस पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

--आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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