पश्चिम बंगाल : सीएम ममता बनर्जी से मिल सकते है मुकुल रॉय

 
पश्चिम बंगाल : सीएम ममता बनर्जी से मिल सकते है मुकुल रॉयकोलकाता, 11 जून (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और कृष्णानगर उत्तर से सांसद मुकुल रॉय के पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने की उम्मीद है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह और उनके बेटे सुभ्रांशु रॉय तृणमूल कांग्रेस में वापस लौट सकते हैं।

रॉय ने अपने करीबी में बताया कि वह शुक्रवार को बनर्जी से मिलने जा रहे हैं। उनसे जब संपर्क किया गया तो उन्होंने बैठक पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

वहीं, बनर्जी दोपहर तीन बजे तृणमूल कांग्रेस भवन में बैठक करेंगी। संभावना है कि रॉय बैठक के बाद मुख्यमंत्री से मिलेंगे।

पार्टी के सूत्रों ने बताया कि पार्टी शुक्रवार को होने वाली बैठक में दो बड़े फैसले लेने जा रही है। पार्टी ने पहले एक व्यक्ति एक पद सिद्धांत के निर्णय की घोषणा की है और आज की बैठक में इसकी आधिकारिक घोषणा और कार्यान्वयन की संभावना है।

पार्टी के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा, इसके अलावा कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने चुनाव से पहले पार्टी छोड़ दी लेकिन वापस लौटना चाहते हैं। हमारी नेता ममता बनर्जी इस बारे में फैसला ले सकती हैं।

पार्टी के सूत्रों ने यह भी कहा कि रॉय के तृणमूल भवन में मुख्यमंत्री से मिलने की संभावना है, लेकिन वह पार्टी में शामिल होने के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए थे। जो भी हो, लेकिन राजनीतिक पर्यवेक्षकों की राय है कि भाजपा के साथ रॉय के समीकरण तेजी से तनावपूर्ण होते जा रहे हैं जिससे वह अपनी पिछली पार्टी के करीब आ रहे हैं । यह पिछले कुछ दिनों में कई घटनाओं से स्पष्ट हुआ है।

रॉय के प्रति तृणमूल कांग्रेस का रवैया बदल गया है और यह तब स्पष्ट हुआ जब ममता बनर्जी ने अपने चुनाव अभियान में रॉय को भालो चेले (गुड बॉय) कहा और इसके बाद अभिषेक बनर्जी ने रॉय की पत्नी को देखने के लिए अस्पताल का दौरा किया।

हालांकि रॉय उनकी यात्रा के दौरान मौजूद नहीं थे, अभिषेक ने उनके बेटे सुभ्रांशु रॉय से मुलाकात की और दोनों के बीच आधे घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई। बैठक के बाद शुभ्रांशु ने अभिषेक की जमकर तारीफ की।

अभिषेक के दौरे के ठीक बाद, राज्य भाजपा अध्यक्ष रॉय की पत्नी को देखने के लिए अस्पताल पहुंचे और अगले दिन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने रॉय को उनकी पत्नी के स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए फोन किया। हालांकि रॉय ने अटकलों को नजरअंदाज किया और घोषणा की कि वह एक भाजपा कार्यकर्ता थे और पार्टी के लिए काम करना जारी रखेंगे। इसके बाद पहली राज्य विधान समिति की बैठक और भाजपा की राज्य समिति की बैठक सहित कई भाजपा बैठकों में उनके शामिल न होने से अटकले तेज हो गई हैं।

अब, रॉय की मुख्यमंत्री के साथ बैठक से सभी अटकलों पर विराम लग सकता है।

--आईएएनएस

एमएसबी/आरजेएस

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