तेलंगाना में मंत्री राजेंद्र के समर्थकों ने किया विरोध प्रदर्शन, कहा-आरोप झूठे

 
तेलंगाना में मंत्री राजेंद्र के समर्थकों ने किया विरोध प्रदर्शन, कहा-आरोप झूठेहैदराबाद, 1 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना के मंत्री इताला राजेंद्र के समर्थकों ने यहां शनिवार को यहां मंत्री पर जमीन हड़पने का आरोप लगाए जाने के खिलाफ प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के आदेश पर मंत्री के खिलाफ आरोपों की जांच शुरू हुई।

मंत्री के समर्थकों ने आरोप लगाए जाने की निंदा करते हुए हैदराबाद के बाहरी इलाके में शरमपेट पर राजमार्ग पर बैठकर प्रदर्शन किया।

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के नेता राजेंद्र के समर्थन में नारे लगाते हुए, वे सड़क पर बैठ गए, जिससे यातायात जाम हो गया। उन्होंने दावा किया कि राजेंद्र पर लगाया गया जमीन हड़पने का आरोप झूठा है और उनके खिलाफ एक साजिश का हिस्सा है।

जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने सड़क की नाकेबंदी खत्म करने से इनकार किया, पुलिस ने जबरन उन्हें हटा दिया और उन्हें नजदीकी पुलिस स्टेशन ले गए।

इस बीच, राजेंद्र ने अपने समर्थकों से शांत रहने और संयम बरतने की अपील की। उन्होंने अपने हुजूरबाद निर्वाचन क्षेत्र के लोगों, कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपील करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। उन्होंने उन्हें कोविड महामारी को देखते हुए हैदराबाद न आने और धर्यपूर्वक समस्याओं का सामना करने का आग्रह किया।

उनकी अपील के बीच खबरें आईं कि निर्वाचन क्षेत्र से उनके कई समर्थक उनके साथ एकजुटता दिखाने के लिए हैदराबाद जा रहे थे।

मंत्री के समर्थकों द्वारा संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने राजेंद्र के पैतृक गांव कमलापुर में निर्वाचन क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है।

मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने शनिवार को राजेंद्र पर लगाए गए आरोप के मद्देनजर उनसे चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग का प्रभार स्वयं ले लिया।

मुख्यमंत्री ने अपने सहयोगी पर जमीन हड़पने के आरोप की जांच का आदेश दिया और अगले दिन यह घटनाक्रम सामने आया।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार शाम को मुख्य सचिव सोमेश कुमार को जमीनों के अतिक्रमण की शिकायतों पर जिला कलेक्टर से जांच करवाने के निर्देश दिए।

उन्होंने सतर्कता विभाग के डीजीपी पूर्णचंद्र राव को भी आरोप की सच्चाई का पता लगाने का निर्देश दिया।

चंद्रशेखर राव ने मेडक जिले के कुछ किसानों द्वारा एक शिकायत किए जाने के बाद जांच का आदेश दिया। किसानों ने आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य मंत्री ने एक मुर्गी पालन उद्योग शुरू करने के लिए उनकी नियत भूमि पर जबरन कब्जा कर लिया।

मंत्री राजेंद्र ने हालांकि, आरोप को नकार दिया और दावा किया कि उनके चरित्र हनन के लिए विरोधियों द्वारा अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वह एक सिटिंग जज या केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से भी जांच कराए जाने का सामना करने के लिए तैयार हैं।

--आईएएनएस

एसजीके

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