एनसीपी बनाम एनसीबी : महाराष्ट्र के मंत्री मलिक का आरोप, एजेंसी ने उनके परिजनों को फंसाया

 
एनसीपी बनाम एनसीबी : महाराष्ट्र के मंत्री मलिक का आरोप, एजेंसी ने उनके परिजनों को फंसायामुंबई, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के वरिष्ठ मंत्री नवाब मलिक ने गुरुवार को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की जमकर आलोचना की और आरोप लगाया कि एजेंसी ने जनवरी में कथित नशीले पदार्थो की जब्ती मामले में उनके परिजनों को गलत तरीके से फंसाया।

इससे पहले मुंबई की विशेष अदालत ने कहा कि समीर खान, जो नवाब मलिक के दामाद हैं, के खिलाफ अवैध मादक पदार्थो की तस्करी या साजिश का कोई मामला नहीं बनता।

अदालत के इस फैसले के बाद नवाब मलिक ने गुरुवार को एनसीबी को झूठा करार दिया और कहा कि समीर को जनवरी में कथित नशीले पदार्थ जब्ती मामले में फर्जी तरीके से फंसाया गया था।

विशेष न्यायाधीश ए.ए. जोगलेकर ने करीब नौ महीने की हिरासत के बाद खान को जमानत देते हुए कहा कि आरोपी के पास से कोई व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थ नहीं मिला, उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है या ऐसा कुछ नहीं है, जो यह साबित करे कि उसने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलीभगत की थी।

गुरुवार को मीडिया को संबोधित करते हुए मलिक ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो पर अपने दामाद को फंसाने, फर्जी मामले दर्ज करने, चुनिंदा मीडिया लीक के जरिए झूठ फैलाने आदि का आरोप लगाया।

मलिक ने कहा कि उनका परिवार खान के खिलाफ एजेंसी के मामले को रद्द करने के लिए बंबई हाईकोर्ट का रुख करेगा, वहीं एनसीबी के जोनल निदेशक समीर वानखेड़े ने मंत्री के आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि मामला विचाराधीन है।

राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने आगे कहा कि एनसीबी ने 200 किलो गांजा होने का जो दावा किया, रासायनिक विश्लेषण रिपोर्ट ने साबित कर दिया कि यह केवल हर्बल तंबाकू था। उन्होंने कहा, यह चौंकाने वाला है.. एनसीबी को गांजा और तंबाकू के बीच का अंतर नहीं पता है?

उन्होंने बताया कि ड्रग-विरोधी एजेंसियों के पास किट हैं, जो तुरंत पता लगा सकती हैं कि कोई पदार्थ नशीला है या नहीं और सवाल किया कि एनसीबी गांजा और तंबाकू के बीच अंतर करने में कैसे विफल रही।

मलिक ने कहा, मैं शुरू से ही कह रहा हूं कि एनसीबी ऐसे फर्जीवाड़ा के जरिए प्रमुख लोगों को फंसा रही है। हम बंबई हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को एक क्रूज जहाज पर एनसीबी के छापे का पदार्फाश करने के बाद, उन्हें पूरे भारत से धमकी भरी कॉल आ रही हैं।

अब, महाराष्ट्र पुलिस ने मलिक की सुरक्षा को वाई-प्लस में अपग्रेड कर दिया है।

उन्होंने सार्वजनिक रूप से राकांपा अध्यक्ष शरद पवार का भी आभार व्यक्त किया कि उन्होंने पिछले नौ महीनों में उन्हें और उनके परिवार को इस आघात के दौरान मजबूती से समर्थन दिया।

पिछले दो हफ्तों में मलिक ने एनसीबी पर तीसरा हमला किया है, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं, लेकिन एजेंसी ने दावा किया है कि मामले में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।

--आईएएनएस

एकेके/एसजीके

From around the web