भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ द्वारा किए गए वो खतरनाक ऑपरेशन, जिनके बारे में जानकर आप भी रह जाएंगे दंग

 
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21 सितंबर, 1968 को भारत सरकार ने रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी RAW की स्थापना की थी. यह भारत की खुफिया एजेंसी है जिसका काम विदेशों में देश के खिलाफ चल रही साजिशों और आतंकवादी गतिविधियों पर नजर रखना है. नई दिल्ली में रॉ का मुख्यालय है जिसके मौजूदा निदेशक सामंत गोयल है. रॉ ने अब तक कई सफल ऑपरेशन किए हैं जिनके बारे में आपको शायद जानकारी नहीं होगी.

ऑपरेशन कहूटा 

70 के दशक में रॉ ने पाकिस्तान में अपना बेहतरीन नेटवर्क बना लिया था. उस दौरान रॉ के एजेंटों को पाकिस्तान के कहूटा परमाणु संयंत्र के बारे में जानकारी मिली थी. रॉ एजेंटों को पता चला था कि यह संयंत्र परमाणु हथियार बनाने के लिए प्लूटोनियम संशोधन संयंत्र था, जिसमें पाकिस्तान परमाणु हथियार बना रहा है. इस जानकारी के सामने आने के बाद इजरायल उस संयंत्र को बम से उड़ाना चाहता था.

ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा

यह भारत के न्यूक्लियर प्रोग्राम का नाम था जिसको गुप्त रखने की जिम्मेदारी रॉ को सौंपी गई थी. 18 मई 1974 को भारत ने पोखरण में 15 किलोटन प्लूटोनियम का परीक्षण किया और वह न्यूक्लियर क्लब में शामिल हो गया. इस बात की जानकारी दुनिया भर की तमाम खुफिया एजेंसियों को भी नहीं हुई थी.

ऑपरेशन कैक्टस 

जब 1988 में तमिल इलम के पीपुल्स लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन के तमिल उग्रवादियों ने मालदीव पर हमला कर दिया था. तब रॉ क की मदद से ही भारतीय सशस्त्र बलों ने उन्हें भगाया था और इस ऑपरेशन को ऑपरेशन कैक्टस नाम दिया गया था.

ऑपरेशन चाणक्य 

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा चलाए जा रहे अलगाववादी संगठनों और आतंकवाद को खत्म करने के लिए यह ऑपरेशन चलाया था. 

स्नैच ऑपरेशन 

यह ऑपरेशन पिछले कई सालों से चलता रहा है. इस ऑपरेशन में रॉ के अधिकारी विदेश में किसी संदिग्ध को पकड़ते हैं और उनसे पूछताछ करते हैं. अब तक भारत कई देशों में 400 सफल स्नैच ऑपरेशन्स को अंजाम दे चुका है.

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