इसे कहते हैं सच्ची मोहब्बत, प्यार के लिए गटर में गुजार दिए 22 साल

आपने अक्सर सुना भी होगा कि प्यार में बहुत ताकत होती है चाहे कितनी भी मुसीबत आए क्यों ना आए लेकिन प्यार करने वाले अपनी मंजिल को हासिल कर ही लेते हैं. इस दुनिया में कई ऐसे भी लोग हैं जो प्यार में अपनी पूरी जिंदगी को जी जाते हैं. बेशक जिंदगी में लाखो तकलीफ
 
इसे कहते हैं सच्ची मोहब्बत, प्यार के लिए गटर में गुजार दिए 22 साल

आपने अक्सर सुना भी होगा कि प्यार में बहुत ताकत होती है चाहे कितनी भी मुसीबत आए क्यों ना आए लेकिन प्यार करने वाले अपनी मंजिल को हासिल कर ही लेते हैं. इस दुनिया में कई ऐसे भी लोग हैं जो प्यार में अपनी पूरी जिंदगी को जी जाते हैं. बेशक जिंदगी में लाखो तकलीफ है क्यों ना आए, बेशक वक्त साथ ना दे, लेकिन ऐसे लोग सिर्फ अपने प्यार की ताकत के बल पर अपनी जिंदगी को हंसी खुशी यूँ ही जी जाते हैं और आज हम आपको एक ऐसे ही प्रेमी जोड़े से मिलाने वाले हैं. जिन्होंने प्यार के खातिर अपनी जिंदगी के 22 23 साल गटर में ही गुजार दिए.

इसे कहते हैं सच्ची मोहब्बत, प्यार के लिए गटर में गुजार दिए 22 साल

मोहब्बत की यह कहानी है मारिया और मिगुल कि, कंबोडिया का शहर मेडेलिन अब से करीब 22-23 साल पहले हिंसा और ड्रग्स स्मगलिंग के गढ़ के रूप में पहचाना जाता था. इसी शहर की सड़कों पर मारिया और मिगुल के दिन-रात गुजर जाते थे. फुटपाथ पर सोने वाले लोगों की भीड़ में मारिया और मिगुल शामिल थे. फुटपाथ पर अपने जीवन को गुजारने वाले इन लोगों के पास रातों को खाना भी नसीब नहीं होता था. जिसकी वजह से मारिया और मिगुल रोजाना नशा करने के आदी हो गए.

इसे कहते हैं सच्ची मोहब्बत, प्यार के लिए गटर में गुजार दिए 22 साल

इन दोनों को नशे की लत इतनी ज्यादा लग गई थी कि नशा ही इनका पेट भरने का साधन बन चुका था और यही वह समय था, जब एक ही शहर के फुटपाथ पर भटकते हुए पहली बार मारिया ने मिगुल को देखा. दोनों ने पहली बार एक दूसरे के साथ बात की थी. फुटपाथ पर हुई उस एक मुलाकात के बाद फिर रोज मुलाकातें होने लगी.

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इसी सब के बीच एक दिन मारिया और मिगुल को इस बात का एहसास हुआ कि वह दोनों सिर्फ और सिर्फ एक दूसरे के लिए बने हैं. इसके बाद उन दोनों ने अपने आगे की जिंदगी को अब एक साथ जीने का निर्णय कर लिया और साथ ही नशे को अपनी जिंदगी से दूर करने का भी प्रण किया. लेकिन जिंदगी को तो कड़ी परीक्षा लेनी ही होती है इसके बाद दोनों ने अपने रिश्तेदारों से रहने के लिए आश्रय मांगा, अपने दोस्तों से घर बनाने के लिए मदद तक मांगी, लेकिन दोनों को कहीं से कोई मदद नहीं मिल पाई. मानो दोनों से किस्मत ने मुंह मोड़ लिया हो किसी ने भी उस वक्त दोनों का साथ नहीं दिया और ना ही कोई उनकी मदद करने के लिए कोई आगे आया.

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मारिया और मिगुल ने अपनी आधे से ज्यादा जिंदगी तो फुटपाथ पर ही गुजार दी थी. वही जब हर किसी ने मदद करने से साफ इनकार कर दिया तो दोनों ने सड़क पर बने हुए एक सूखे गटर को ही अपना आशियाना बना लिया. दोनों ने फुटपाथ के उस सूखे गटर में एक साथ रहना शुरू किया, मिगुल ने मेहनत मजदूरी करके जैसे-तैसे गटर में अपनी जरूरत के सामान को इकट्ठा किया और जो कुछ भी पैसे बचते थे, उन्हें वह घर की देखभाल और मारिया को खुश करने के लिए खर्च कर देता.

इसे कहते हैं सच्ची मोहब्बत, प्यार के लिए गटर में गुजार दिए 22 साल

फुटपाथ के उस सूखे गटर को मारिया और मिगुल ने एक छोटे से घर में तब्दील कर दिया था. मारिया गटर में बने हुए अपने उस घर को साफ करने में लगी रहती तो वही मिगुल अपने घर के लिए हर एक चीज हटाने में लगा रहता. दोनों ने मिल जुलकर उस घर में बिजली से लेकर एक छोटा रसोईघर तक बना लिया. इतना ही नहीं दोनों के पास एक काले रंग का कुत्ता भी है. जब कभी कोई त्यौहार आता या फिर ज्यादा काम आ जाता तो दोनों उसकी तैयारियों में लग जाते हैं. दोनों अपनी जिंदगी को एक दूसरे के साथ ख़ुशी के साथ जी रहे हैं.

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