यूसुफ अली की बदौलत केरल निवासी को 6 साल बाद मिली आजादी

 
यूसुफ अली की बदौलत केरल निवासी को 6 साल बाद मिली आजादीतिरुवनंतपुरम, 9 जून (आईएएनएस)। केरल के रहने वाले बेक्स कृष्णा एक सड़क दुर्घटना के मामले में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की जेल में छह साल बिताने के बाद जब बुधवार को कोचीन हवाईअड्डे पर उतरे और अपने परिवार से मिले तो भावुक हो उठे।

कृष्णा ने उन्हें जेल से आजाद कराने में मदद करने के लिए अरबपति व्यवसायी एम. ए. यूसुफ अली को धन्यवाद दिया।

बुधवार तड़के एयरपोर्ट पर उतरने के बाद कृष्णा ने कहा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह दिन भी कभी उदय होगा।

पत्नी वीना और बेटे अद्वैत को देखने के बाद यह उनका पहला बयान था, जो उन्हें लेने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थे।

कृष्णा पिछले छह साल से अबू धाबी में जेल में था। दरअसल उसके वाहन ने, जिसे वह चला रहा था, एक सूडानी लड़के को टक्कर मार दी थी, जिसकी दुर्घटना के तुरंत बाद मृत्यु हो गई।

इस घटनाक्रम के बाद कृष्णा को हिरासत में ले लिया गया और उन्हें कड़े दंड के तौर पर मौत की सजा सुनाई गई।

कृष्णा ने कहा, वहां जेल में रहते हुए मैंने छह या सात ऐसे उदाहरणों के बारे में सुना, जब मेरे जैसे मामलों में ऐसे ही लोग आरोपी थे और उन्हें यह कड़ी सजा सुनाई गई थी। इसलिए मैं बहुत परेशान था।

कृष्णा ने कहा, लेकिन जब मैंने सुना कि अली सर ने मेरा केस अपने हाथ में ले लिया है, तो मुझी वह आशा फिर से जगी, जो मैंने खो दी थी और यह अब एक वास्तविकता बन गई है। मैं हमेशा उनका आभारी रहूंगा।

इससे पहले त्रिशूर के रहने वाले उनके रिश्तेदार ने शोक संतप्त सूडानी परिवार के साथ समझौता करने के कई प्रयास किए थे, मगर उन्हें सफलता नहीं मिली।

लेकिन अली के संपर्क में आने के बाद चीजें बदलने लगीं, जो त्रिशूर के रहने वाले हैं और फिर चीजें सकारात्मक रूप से बदलने लगीं और इस साल जनवरी में अली ने वहां की अदालत में एक करोड़ रुपये जमा किए।

फिर इसे अदालत पर छोड़ दिया गया, जिसने उनकी रिहाई की हरी झंडी दे दी और दो दिन पहले उन्हें देश छोड़ने के लिए आउट पास मिल गया और मंगलवार की रात कृष्णा भारत के लिए आने वाली उड़ान में सवार हो गए।

अली की ओर से अदालत में जमा किया गया पैसा सूडानी परिवार के पास जाएगा। अली ने न केवल कृष्णा की जेल से निकलने में मदद की, बल्कि वह उन्हें नौकरी देने के इच्छुक भी हैं और उन्होंने फिलहाल कहा है कि कृष्णा अब कुछ महीनों के लिए अपने परिवार के साथ बिताने जा सकता है।

लुलु सुपरमार्केट चेन के संस्थापक अली ने कहा, मैंने उसे नौकरी की पेशकश की है और जब वह नौकरी करना चाहे, तब वापस आ सकता है। उसे अपने जीवन को भी आगे बढ़ाना है और इसलिए मैंने उसे नौकरी की पेशकश की।

--आईएएनएस

एकेके/आरजेएस

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