चीन में विदेशी प्रतिबंध विरोधी अधिनियम पारित

 
चीन में विदेशी प्रतिबंध विरोधी अधिनियम पारितबीजिंग, 11 जून (आईएएनएस)। चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की स्थाई समिति ने 10 जून को मतदान से विदेशी प्रतिबंध विरोधी अधिनियम पारित किया। यह राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा करने, अंतर्राष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय की रक्षा करने में अधिक प्रभावी सिद्ध होगा।

कुछ समय के लिए कुछ पश्चिमी देशों ने चीन को बाधित करने और दमन करने के लिए शिनच्यांग संबंधी और हांगकांग संबंधी मुद्दों का इस्तेमाल कर अपने घरेलू कानून के मुताबिक चीन के संबंधित राष्ट्रीय एजेंसियों, संगठनों और कर्मचारियों पर तथाकथित प्रतिबंध लगाया। उन देशों की कार्रवाई ने चीन के आंतरिक मामलों में उद्दंडतापूर्ण दखलंदाजी की, अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी मापदंड का उल्लंघन किया और संयुक्त राष्ट्र के कोर वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली पर गंभीर प्रभाव डाला।

कुछ पश्चिमी देशों के एकतरफा प्रतिबंध का सामना करते हुए चीन कानूनी हथियार उठाकर इसका विरोध किया। यह समय पर है और आवश्यक भी है। यह न केवल राष्ट्रीय गरिमा और मूल अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए है, बल्कि आंतरिक मामलों और संप्रभु समानता में गैर-हस्तक्षेप के सिद्धांत की रक्षा करने, प्रभुत्ववाद और बल की राजनीति का विरोध करने के लिए भी है। रूसी अखबार स्वतंत्र के विचार में चीन का यह अधिनियम अमेरिका और उसके सहयोगियों के दबाव का विरोध करने के लिए चीन सरकार के लिए कानूनी नींव रखेगा।

वास्तव में चीन में पारित विदेशी प्रतिबंध विरोधी अधिनियम न केवल प्रतिबंध के विरोध में अपने स्वयं के अनुभवों पर आधारित है, बल्कि अन्य देशों की प्रथाओं से भी सीखा है। मसलन यूरोपीय संघ ने अमेरिका के प्रतिबंध का विरोध करने के लिए साल 1996 में अवरुद्ध करने वाला यूरोपीय संघ कानून पारित किया, जिसके मुताबिक यदि अन्य देशों के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध यूरोपीय संघ की कंपनियों को प्रभावित करते हैं, तो बाद वाले को संबंधित प्रतिबंध कानूनों का पालन करने की आवश्यकता नहीं है और वे संबंधित नुकसान आदि मुआवजा के लिए भी दावा कर सकते हैं। वहीं, रूस ने जून 2018 में संबंधित प्रतिबंध विरोधी कानून पारित किया, ताकि अमेरिका और अन्य देशों की अमित्र कार्यवाही से अपने देश और नागरिकों के अधिकारों व हितों की रक्षा की जा सके।

यह इंगित किया जाना चाहिए कि चीन ने प्रतिबंध का विरोध करने के लिए वैध कार्रवाई अपनायी है। इसका उद्देश्य चीन के आंतरिक मामलों में धृष्टतापूर्वक हस्तक्षेप करने, चीन को बदनाम और दमन करने वाले संस्थाओं व व्यक्तियों के खिलाफ है। यह कानूनी रूप से संचालित बाजार संस्थाओं और आम नागरिकों को प्रभावित नहीं करता है। चीन सुधार और खुलेपन पर डटा रहेगा, और बाजार-उन्मुख, वैध और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार वातावरण बनाने के लिए चीन का ²ढ़ संकल्प अविचल है।

--आईएएनएस

आरएचए

( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग )

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