रेलवे में रोजगार दिलाने वाले फर्जी रैकेट का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार

 
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने भारतीय रेलवे में नौकरी दिलाने के बहाने लोगों को ठगने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने गुरुवार को यहां यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, इस साल जुलाई में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज किया गया था, जहां शिकायतकर्ता, ओला चालक ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने उसे भारतीय रेलवे में टिकट चेकर की नौकरी दिलाने का वादा किया था। उसे कुछ जाली दस्तावेज जैसे सत्यापन फॉर्म, मेडिकल सर्टिफिकेट और टीसी का आईडी कार्ड मुहैया कराया गया था।

दिलचस्प बात यह है कि शिकायतकर्ता को यहां के राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन पर भी करीब दो महीने का प्रशिक्षण दिया गया था।

पुलिस उपायुक्त दीपक यादव ने कहा, अपराधियों को पकड़ना एक चुनौतीपूर्ण काम था, इसलिए हमने पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम का गठन किया।

5 अक्टूबर को, पुलिस टीम ने सुखराज सिंह के रूप में पहचाने गए एक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जिसे बाद में एक स्थानीय अदालत ने पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि उसका काम ग्राहकों की तलाश करना था और वह ऐसे लोगों के नाम बिहार में रहने वाला अमित नाम के दूसरे आरोपी को भेजता था।

इसके बाद, एक पुलिस दल ने पटना, बिहार में छापेमारी की, जहां से सरगना दयानंद सरस्वती और सुनील कुमार और उसके सहयोगी अमर कुमार सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया।

आगे की जांच में पता चला कि वे भारतीय रेलवे के जाली दस्तावेज तैयार करते थे और अमर कुमार की मदद से फर्जी मेडिकल जांच भी कराते थे। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बिहार के रेलवे स्टेशनों पर फर्जी ट्रेनिंग देते थे।

पुलिस ने कहा, आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप (जाली दस्तावेज तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया गया), कुछ जाली दस्तावेज और भारतीय रेलवे के कुछ रबर स्टैंप बरामद किए गए।

--आईएएनएस

एचके/आरजेएस

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