जब खिलाड़ियों को 8-10 करोड़ मिल रहे तो क्यों करेंगे मेहनत, भारत के दिग्गज क्रिकेटर के बयान से मची खलबली

जब खिलाड़ियों को 8-10 करोड़ मिल रहे तो क्यों करेंगे मेहनत, भारत के दिग्गज क्रिकेटर के बयान से मची खलबली
 
जब खिलाड़ियों को 8-10 करोड़ मिल रहे तो क्यों करेंगे मेहनत, भारत के दिग्गज क्रिकेटर के बयान से मची खलबली

सबसे पहले टेस्ट क्रिकेट अस्तित्व में आया था. एक समय था जब टेस्ट बहुत महत्वपूर्ण हुआ करता था. लेकिन आज के समय में फैंस की दिलचस्पी टी-20 में सबसे ज्यादा है. T20 में बल्लेबाज तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हैं और मैच का नतीजा भी बहुत जल्दी निकल आता है. इसी वजह से अब टेस्ट क्रिकेट की लोकप्रियता कम हो गई है. आईसीसी टेस्ट की लोकप्रियता को बढ़ाने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रही है. 

जब खिलाड़ियों को 8-10 करोड़ मिल रहे तो क्यों करेंगे मेहनत, भारत के दिग्गज क्रिकेटर के बयान से मची खलबली

आईसीसी ने इसी वजह से वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत की. लेकिन अब भारतीय ऑलराउंडर खिलाड़ी युवराज सिंह ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी. उनका कहना है कि टी-20 की वजह से टेस्ट क्रिकेट फ्लॉप हो रहा है. लोगों को T20 क्रिकेट देखने में मजा आता है और खिलाड़ियों को भी, क्योंकि उन्हें T20 लीग में खेलने पर अच्छी खासी रकम मिल जाती है. 

युवराज ने स्पोर्ट्स 18 के होम ऑफ हीरोज पर कहा- टेस्ट क्रिकेट मर रहा है, क्योंकि लोग T20 क्रिकेट देखना चाहते हैं और खिलाड़ी टी20 क्रिकेट खेलना चाहते हैं. कोई 5 लाख के लिए पांच दिवसीय क्रिकेट क्यों खेलेगा, जब आज के समय में उसे T20 क्रिकेट खेलने के लिए 50 लाख मिल रहे हों. जो खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल पा रहे, वह भी T20 लीग में खेलकर 8-10 करोड़ रुपए कमा रहे हैं.

युवराज सिंह ने यह भी कहा कि टी-20 की वजह से अब वनडे क्रिकेट में भी लोगों की दिलचस्पी कम हो गई है. अगर आप T20 मैच के बाद 50 ओवर का गेम देखते हैं तो यह टेस्ट मैच की तरह लगता है. 20 ओवर के बाद ऐसा लगता है कि अभी 30 ओवर और खेलने होंगे. तो निश्चित रूप से T20 की वजह से सब कुछ छीन रहा है.

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