जब कपिल देव ने ऑस्ट्रेलिया को मुफ्त में दे डाले 2 रन, फिर 1 रन से मुकाबला हार गई थी टीम इंडिया

जब कपिल देव ने ऑस्ट्रेलिया को मुफ्त में दे डाले 2 रन, फिर 1 रन से मुकाबला हार गई थी टीम इंडिया
TheDesiawaaz Desk 
जब कपिल देव ने ऑस्ट्रेलिया को मुफ्त में दे डाले 2 रन, फिर 1 रन से मुकाबला हार गई थी टीम इंडिया

क्रिकेट का खेल जेंटलमेंट गेम कहा जाता है. कई बार क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ियों की खेल भावना दिल जीत लेती है. आज हम आपको उस किस्से के बता रहे हैं जब कपिल देव ने ऑस्ट्रेलिया को मुफ्त में 2 रन दे दिए थे. लेकिन बाद में टीम इंडिया को 1 रन से मुकाबला हारना पड़ा था. लेकिन फिर भी कपिल देव की दरियादिली ने सबका दिल जीत लिया था.

जब कपिल देव ने ऑस्ट्रेलिया को मुफ्त में दे डाले 2 रन, फिर 1 रन से मुकाबला हार गई थी टीम इंडिया

बता दें कि भारत और पाकिस्तान ने 1987 में वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी. उस समय भारतीय उपमहाद्वीप में क्रिकेट बहुत ज्यादा लोकप्रिय था. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 1987 के वर्ल्ड कप में चेन्नई के चेपॉक मैदान पर 9 अक्टूबर को एक मैच खेला गया, जिसमें कपिल देव ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का निर्णय किया. उस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से डेविड बूने और ज्योफ मार्श बल्लेबाजी करने उतरे.

दोनों ने मिलकर 110 रन बना लिए. उस मुकाबले में डेविड बूने तो 49 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन ज्योफ मार्श ने शतक लगाया था. बूने के आउट होने के बाद डीन जोंस मैदान पर बल्लेबाजी करने उतरे. उन्होंने मनिंदर सिंह की एक गेंद पर बड़ा शॉट खेला और गेंद रवि शास्त्री के पास पहुंच गई. लेकिन वह गेंद को लपक नहीं पाए और कैच छूट गया.

गेंद बाउंड्री के बहुत करीब थी. ऐसे में अंपायर यह फैसला नहीं कर पाए कि चौका था या छक्का. जब रवि शास्त्री से पूछा गया तो उन्होंने इसे चौका बताया. ऐसे में अंपायर ने ऑस्ट्रेलिया को 4 रन दिए. लेकिन डीन जोंस का कहना था कि छक्का है. काफी बहस के बाद यह फैसला लिया गया कि इस बात का फैसला पारी के अंत में किया जाएगा. 

पहले ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर में 268 रन बना लिए और पारी के बाद चौके-छक्के का फैसला करने के लिए चर्चा हुई. उस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम के मैनेजर क्रॉम्पटन ने उसे चौका मानने से इंकार कर दिया और फिर सब मिलकर कपिल देव के पास गए. उस समय कपिल देव ने खेल भावना दिखाते हुए कह दिया कि चलिए आप इसे छक्का ही मान लीजिए. इस तरह ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 268 नहीं 270 हो गया. बाद में जब भारतीय टीम इस मुकाबले में बल्लेबाजी करने उतरी तो 269 रन बना सकी और एक रन से मुकाबला हार गई.

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