भारतीय टीम के वो तीन बदनसीब क्रिकेटर, जिन्हें केवल एक ही विश्व कप में खेलने का मिला मौका

भारतीय टीम के वो तीन बदनसीब क्रिकेटर, जिन्हें केवल एक ही विश्व कप में खेलने का मिला मौका
 
भारतीय टीम के वो तीन बदनसीब क्रिकेटर, जिन्हें केवल एक ही विश्व कप में खेलने का मिला मौका

क्रिकेट खेलने वाले सभी खिलाड़ियों का सपना होता है कि वो अपने देश के लिए विश्व कप में खेले. सचिन तेंदुलकर ने टीम इंडिया की ओर से 6 विश्वकप खेले. लेकिन कई ऐसे भी खिलाड़ी रहे जिन्हे विश्वकप टीम में कभी भी जगह नहीं मिली. आज हम आपको भारतीय टीम के उन तीन मशहूर खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें केवल एक ही विश्व कप में खेलने का मौका मिला.

भारतीय टीम के वो तीन बदनसीब क्रिकेटर, जिन्हें केवल एक ही विश्व कप में खेलने का मिला मौका

संदीप पाटिल

भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज संदीप पाटिल 1983 की विश्व विजेता टीम का हिस्सा थे. लेकिन इसके बाद उन्हें एक भी विश्व कप खेलने का मौका नहीं मिला.

रोबिन सिंह

भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर खिलाड़ी रोबिन सिंह को भी केवल एक ही विश्व कप में खेलने का मौका मिला. 1999 में खेले गए विश्व कप में वो भारतीय टीम का हिस्सा थे. रोबिन सिंह ने भारत के लिए पहला वनडे मैच 1989 में खेला था. 2001 तक उन्होंने भारतीय टीम के लिए भारतीय टीम के लिए 136 मैच खेले और अच्छा प्रदर्शन किया. विश्वकप में उन्होंने गेंद और बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया था. लेकिन फिर भी उन्हें दोबारा विश्वकप टीम में जगह नहीं मिल पाई.

गौतम गंभीर

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने 2011 के विश्व कप में टीम इंडिया की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस विश्व कप में वो सचिन तेंदुलकर के बाद भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज थे. 2011 के विश्व कप के फाइनल मुकाबले में गौतम गंभीर ने 97 रनों की पारी खेली.

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