इन भारतीय खिलाड़ियों ने सालों तक जी जान से खेला क्रिकेट, लेकिन सन्यास के वक्त नहीं मिली यादगार विदाई

इन भारतीय खिलाड़ियों ने सालों तक जी जान से खेला क्रिकेट, लेकिन सन्यास के वक्त नहीं मिली यादगार विदाई
TheDesiawaaz Desk 
इन भारतीय खिलाड़ियों ने सालों तक जी जान से खेला क्रिकेट, लेकिन सन्यास के वक्त नहीं मिली यादगार विदाई

हर खिलाड़ी का सपना होता है कि जब भी वह क्रिकेट के खेल को अलविदा कहे तो मैदान पर पूरे सम्मान के साथ उसकी विदाई हो. लेकिन भारतीय टीम के कुछ खिलाड़ी ऐसे भी रहे जिन्हें यह सम्मान नसीब नहीं हुआ. इन खिलाड़ियों ने सालों तक जी जान से टीम इंडिया के लिए क्रिकेट खेला. लेकिन उन्हें एक शानदार विदाई नसीब नहीं हुई. आज हम आपको भारतीय टीम के उन्हीं क्रिकेटरों के बारे में बताने जा रहे हैं जो एक शानदार विदाई के हकदार थे. 

इन भारतीय खिलाड़ियों ने सालों तक जी जान से खेला क्रिकेट, लेकिन सन्यास के वक्त नहीं मिली यादगार विदाई

महेंद्र सिंह धोनी 

पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने आईसीसी के तीन खिताब जीते. 2014 में धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास की घोषणा कर दी थी. इसके बाद उन्होंने 15 अगस्त 2020 को वनडे और टी-20 क्रिकेट से भी संन्यास ले लिया. भारत को इतनी कामयाबी दिलाने के बाद धोनी विदाई मैच के हकदार थे. लेकिन उनके लिए कोई भी विदाई मैच की व्यवस्था नहीं की गई. 

वीरेंद्र सहवाग 

भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने कई मौकों पर टीम इंडिया को जीत दिलाई. उनके नाम क्रिकेट के खेल में एक से बढ़कर एक रिकॉर्ड दर्ज है. वीरेंद्र सहवाग ने साल 2015 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था. लेकिन उन्हें विदाई मैच का सम्मान भी नसीब नहीं हुआ. 

गौतम गंभीर 

भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने 2018 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी. लेकिन उन्हें भी विदाई मैच खेलने का सौभाग्य नहीं मिला. 

राहुल द्रविड़ 

भारतीय टीम के मौजूदा कोच और पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने 2012 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खराब प्रदर्शन के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था राहुल द्रविड़ थे लेकिनराहुल द्रविड़ एक सम्मानजनक विदाई के हकदार थे. लेकिन उन्हें भी ये सम्मान नसीब नहीं हुआ. 

जहीर खान 

भारतीय टीम के बेहतरीन तेज गेंदबाज रहे जहीर खान ने 2017 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था और उन्हें भी विदाई मैच खेलने का अवसर नहीं दिया गया.

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