क्रिकेट इतिहास का वो मुकाबला जब मौत के मुंह से निकले थे बल्लेबाज, 62 गेंदों में ही खत्म हो गया था मैंच

क्रिकेट इतिहास का वो मुकाबला जब मौत के मुंह से निकले थे बल्लेबाज, 62 गेंदों में ही खत्म हो गया था मैंच
 
क्रिकेट इतिहास का वो मुकाबला जब मौत के मुंह से निकले थे बल्लेबाज, 62 गेंदों में ही खत्म हो गया था मैंच

5 दिन तक चलने वाला टेस्ट मैच अगर 10.2 ओवर के भीतर ही खत्म हो जाए तो आपको यह सुनकर बिल्कुल भी भरोसा नहीं होगा. लेकिन आज से 24 साल पहले एक ऐसा ही मैच खेला गया था. 29 जनवरी 1998 में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच टेस्ट मैच हुआ था, जो केवल 62 गेंदों में ही खत्म हो गया था. दरअसल वेस्टइंडीज के सबीना पार्क में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की टीमें आमने-सामने थी. उस समय दोनों ही टीमें विश्व की टॉप टेस्ट टीमें थी. 

क्रिकेट इतिहास का वो मुकाबला जब मौत के मुंह से निकले थे बल्लेबाज, 62 गेंदों में ही खत्म हो गया था मैंच

इस मुकाबले में इंग्लैंड के कप्तान माइक अर्थटन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय किया. इंग्लैंड की तरफ से अर्थटन और एलक स्‍टीवर्ट ओपनिंग करने उतरे और सामने थे वेस्टइंडीज के महान गेंदबाज कर्टली एंब्रोस और कर्टनी वॉल्‍श, जिनकी गेंद तूफान की रफ्तार से आ रही थीं और बल्लेबाजों के शरीर पर पड़ रही थी. ऐसी परिस्थिति आ गई कि बल्लेबाज मैदान छोड़कर भागने को तैयार हो गए थे.

बल्लेबाज चोटिल हो रहे थे और उन्हें कुछ भी समझ नहीं आ रहा था. तब वेस्टइंडीज के अंपायर स्टीव बकनर और भारतीय अंपायर श्रीनिवास वेंकटराघवन ने मैच खत्म करने का ऐतिहासिक फैसला किया. उस मैच में केवल 62 गेंद फेंकी गई थी और हर गेंद हड्डियां तोड़ने वाली थी. हालांकि उस समय तक कई बल्लेबाज लहूलुहान हो चुके थे. इंग्लैंड की टीम ने 62 गेंदों में 3 विकेट खोकर 17 रन बनाए थे.

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