इन तीन अंपायर को फूटी आंख भी देखना नहीं पसंद नहीं करते हैं भारतीय फैंस

इन तीन अंपायर को फूटी आंख भी देखना नहीं पसंद नहीं करते हैं भारतीय फैंस
 
इन तीन अंपायर को फूटी आंख भी देखना नहीं पसंद नहीं करते हैं भारतीय फैंस

क्रिकेट के मैदान पर अंपायर का निर्णय सबसे ऊपर होता है. अंपायर को कुछ ही सेकंड में निर्णय लेना होता है. लेकिन कई बार अंपायर गलत निर्णय दे देते हैं, जिस कारण काफी विवाद भी हो जाता है. आज हम आपको उन तीन क्रिकेट अंपायरों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें भारतीय फैंस बिल्कुल भी देखना पसंद नहीं करते.

इन तीन अंपायर को फूटी आंख भी देखना नहीं पसंद नहीं करते हैं भारतीय फैंस

अशोक डीसिल्वा

भारत और श्रीलंका के बीच मैच के दौरान अशोक डीसिल्वा अम्पायर होते । तो कम से कम एक निर्णय भारतीय टीम के खिलाफ रहने की आशंका बनी रहती थी. वो सौरव गांगुली को भी कई बार खराब अंपायरिंग कर चुके हैं. 2002 में अशोक डीसिल्वा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहली पारी में गांगुली को एलबीडब्ल्यू आउट किया था. क चीज़ साफ़ दिखाई दे रही थी कि गेंद गांगुली के बल्ले पर नहीं बल्कि पैड पर लगी थी. अम्पायर के इस निर्णय की उस समय पर काफी ज्यादा आलोचना हुई थी.

मार्क बेंसन

अम्पायर मार्क बेंसन की वजह से टीम इंडिया को एक मैच भी गंवाना पड़ा था. 2007-08 की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दौरान काफी विवाद हो गया था. 5 दिन का खेल खत्म होने से कुछ समय पहले टीम इंडिया को आउट कर विपक्षी टीम ने 22 रन से मैच जीता था. ख़राब अंपायरिंग के चलते ये मैच हमेशा याद रखा जायेगा. गांगुली के कैच पर मार्क बेंसन ने रिकी पोंटिंग से पूछकर आउट दिया था. जबकि ये निर्णय तीसरे अम्पायर से पूछ कर लिया जाना था.

स्टीव बकनर

सचिन तेंदुलकर सबसे ज्यादा बार स्टीव बकनर की खराब अंपायरिग का शिकार हुए. इस दौरान वो तीन या चार बार शतक बनाने से चूक गए. जब 2003-04 में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था. पर्थ टेस्ट में गिलेस्पी की गेंद पर अंपायर ने सचिन को शून्य रन पर आउट का फैसला सुनाते हुए वापस पवेलियन भेज दिया था. जबकि टीवी रिप्ले में यह बात साफ नजर आ रही थी कि गेंद विकेट से बाहर जा रही थी.

From around the web