अगर ना मिलता ओपनिंग का मौका तो आज गुमनामी की जिंदगी जी रहे होते ये दो भारतीय खिलाड़ी

अगर ना मिलता ओपनिंग का मौका तो आज गुमनामी की जिंदगी जी रहे होते ये दो भारतीय खिलाड़ी
 
अगर ना मिलता ओपनिंग का मौका तो आज गुमनामी की जिंदगी जी रहे होते ये दो भारतीय खिलाड़ी

भारतीय क्रिकेट इतिहास में कुछ खिलाड़ी ऐसे हुए, जिन्होंने अपना करियर तो किसी और रूप में शुरू किया. लेकिन बाद में वह कुछ और बन गए. ऐसे ही दो खिलाड़ियों के बारे में आज हम आपको बता रहे हैं, जिन्होंने अपना करियर तो मध्यक्रम बल्लेबाज के रूप में शुरू किया था. लेकिन बाद में वह ओपनर बन गए. अगर इन दोनों खिलाड़ियों को ओपनर बनने का मौका ना मिलता तो शायद ये आज गुमनामी की जिंदगी जी रहे होते.

अगर ना मिलता ओपनिंग का मौका तो आज गुमनामी की जिंदगी जी रहे होते ये दो भारतीय खिलाड़ी

रोहित शर्मा 

रोहित शर्मा आज दुनिया के सबसे विस्फोटक ओपनर बल्लेबाजों में गिने जाते हैं. रोहित ने अपना करियर 2006 में मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में शुरू किया था. 2012 तक वह मध्यक्रम में ही बल्लेबाजी करते थे. लेकिन 2013 में महेंद्र सिंह धोनी ने रोहित शर्मा को ओपनिंग के लिए भेजा और रोहित ने धोनी के फैसले पर खरा उतरते हुए शानदार प्रदर्शन भी किया. आज रोहित जिस मुकाम पर हैं, वहां शायद नहीं पहुंच पाते, अगर वह ओपनर ना बने होते. बतौर ओपनर रोहित शर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई बड़े रिकॉर्ड बना चुके हैं, जो शायद कभी नहीं टूट पाएंगे.

वीरेंद्र सहवाग 

वीरेंद्र सहवाग भी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं. वीरेंद्र सहवाग को सौरव गांगुली ने पहचाना था कि वह केवल ओपनिंग के लिए ही बने हैं. हालांकि पहले वह मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते थे. लेकिन जब उन्हें ओपनिंग के लिए मौका मिला तो उन्होंने जबरदस्त प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और देखते ही देखते वह दुनिया भर में अपनी बल्लेबाजी के लिए मशहूर हो गए.

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