पिछले 5 सालों से भारतीय टीम में जगह पाने को तरस रहा है ये खिलाड़ी, अब संन्यास ही है आखिरी रास्ता

पिछले 5 सालों से भारतीय टीम में जगह पाने को तरस रहा है ये खिलाड़ी, अब संन्यास ही है आखिरी रास्ता
 
पिछले 5 सालों से भारतीय टीम में जगह पाने को तरस रहा है ये खिलाड़ी, अब संन्यास ही है आखिरी रास्ता

भारतीय क्रिकेट टीम का एक खिलाड़ी इतना बदकिस्मत रहा है कि उसने अपने तीसरे ही टेस्ट मैच में तिहरा शतक लगा दिया था. लेकिन फिर भी उसका अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म हो गया. ये खिलाड़ी एक समय भारतीय टीम के भविष्य का स्टार क्रिकेटर माना जाता था. लेकिन अब टीम में जगह पाने तक को तरस रहा है. इस खिलाड़ी के लिए अब संन्यास लेना ही आखिरी रास्ता बचा है.

पिछले 5 सालों से भारतीय टीम में जगह पाने को तरस रहा है ये खिलाड़ी, अब संन्यास ही है आखिरी रास्ता

हम बात कर रहे हैं भारतीय टीम के बल्लेबाज करुण नायर की, जिन्होंने अपने करियर के तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड के खिलाफ तिहरा शतक लगाया था. उनसे पहले वीरेंद्र सहवाग के अलावा कोई भी बल्लेबाज यह कमाल नहीं कर सका था. करुण नायर ने भारतीय टीम के लिए आखिरी मुकाबला 2017 में खेला था. इसके बाद उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए 2018 में भारतीय टेस्ट टीम में जगह तो मिली थी. लेकिन उन्हें कोई भी मैच खेलने का मौका नहीं दिया गया था, जिसको लेकर उन्होंने तत्कालीन कोच और कप्तान पर गंभीर आरोप लगाए थे.

उन्होंने कहा था- मुझे ना तो कोच और ना ही चयनकर्ताओं ने बताया कि मुझे टीम से बाहर क्यों रखा गया. किसी ने मुझसे कोई बात नहीं की. करुण नायर ने जब इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में तिहरा शतक लगाया था तो सबको लगा था कि वह लंबी रेस का घोड़ा है. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. उन्हें तिहरा शतक लगाने के बाद ही टीम से बाहर कर दिया गया, क्योंकि उस समय विराट कोहली टेस्ट टीम के कप्तान थे और वह रहाणे को बाहर नहीं करना चाहते थे. रहाणे को मौका देने के चक्कर में उन्होंने करुण नायर को बाहर कर दिया. अगर नायर को खेलने का मौका मिलता तो वह शायद भारत के बड़े स्टार क्रिकेटर बन सकते थे.

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