19 साल की उम्र में इस बल्लेबाज ने सचिन तेंदुलकर को शून्य पर दिखाया था पवेलियन का रास्ता, डेब्यू मैच में पहनने के लिए नहीं थे जूते

19 साल की उम्र में इस बल्लेबाज ने सचिन तेंदुलकर को शून्य पर दिखाया था पवेलियन का रास्ता, डेब्यू मैच में पहनने के लिए नहीं थे जूते
 
19 साल की उम्र में इस बल्लेबाज ने सचिन तेंदुलकर को शून्य पर दिखाया था पवेलियन का रास्ता, डेब्यू मैच में पहनने के लिए नहीं थे जूते

भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का जन्म 5 फरवरी 1990 को मेरठ में हुआ था. वह गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की कला जानते हैं. भुवनेश्वर थोड़े शर्मीले स्वभाव के थे. लेकिन उन्होंने महज 19 साल की उम्र में ही सचिन तेंदुलकर को शून्य पर आउट कर दिया था और तहलका मचा दिया था और आज वह भारतीय टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं. 

19 साल की उम्र में इस बल्लेबाज ने सचिन तेंदुलकर को शून्य पर दिखाया था पवेलियन का रास्ता, डेब्यू मैच में पहनने के लिए नहीं थे जूते

हालांकि उनके लिए यहां तक पहुंचना आसान नहीं रहा है. एक समय ऐसा भी था जब पहले रणजी मैच के लिए उनके पास जूते तक नहीं थे. तब उनकी बहन ने उनके लिए जूतों का इंतजाम किया था. दरअसल, जब भुवनेश्वर कुमार को पहला रणजी मैच खेलने के लिए बुलावा आया था, तब उनके पास अच्छे जूते नहीं थे. उन्हें बहन की मदद से खेलने के लिए जूते मिल गए और फिर उन्होंने रणजी ट्रॉफी में तहलका मचा दिया. 

पहले सीजन तक तो भुवनेश्वर कुमार के नाम की उतनी चर्चा नहीं हुई. लेकिन 2009 में एक मैच के बाद से पूरे देश में उनका नाम छाने लगा. उन्होंने उस सीजन में एक ऐसी गेंद फेंकी, जिस पर सदी के सबसे बड़े बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर बिना खाता खोले ही आउट हो गए थे. उस समय भुवनेश्वर कुमार की उम्र 18 साल थी. लेकिन इसके बाद भी उन्हें भारतीय टीम में जगह बनाने में 4 साल लग गए.

2012 में भुवनेश्वर कुमार को पाकिस्तान के खिलाफ T20 टीम में डेब्यू करने का मौका मिला. उन्होंने अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में पहले ही ओवर में नासिर जमशेद को आउट किया था. उस मुकाबले में भुवनेश्वर कुमार ने 9 रन देकर तीन विकेट चटकाए थे. इतना ही नहीं वनडे सीरीज के पहले मैच में उन्होंने पहले ही ओवर की पहली गेंद पर मोहम्मद हफीज को बोल्ड किया थ

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