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भाईदूज के दिन अगर बहनें करेंगी ये काम तो, भाई की उम्र होगी लंबी

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भाई दूज का पर्व ऐसा पर होता है जो भाई और बहन दोनों के लिए बेहद खास होता है। आपको बता दें भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है। भाई दूज का त्योहार हर साल कार्तिक मास के शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहनें रोली और अक्षत से अपने अपने भाइयों का तिलक करती हैं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करती हैं। वह इस दिन भाई अपनी बहन को कुछ उपहार दक्षिणा देते हैं और उसकी सुरक्षा का वादा करते हैं।

आपको बता दें कि भाई दूज पर के बाद पूरे देश में एक जैसे तरीके से नहीं मनाया जाता। बल्कि है कई तरीकों से मनाया जाता है उत्तर भारत में भैया दूज के दिन बहनें भाई को अक्षर मत तिलक लगाकर नारियल देती है। तो उन्हीं पूर्वी भारत में बहने शंख आनंद के बाद भाई को तिलक लगाती हैं साथ ही भाइयों को कुछ भेट स्वरूप देती है।

पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक यदि संभव हो तो भाई दूज के दिन भाई बहन को एक साथ यमुना स्नान करना चाहिए। भाई को बहन के हाथ से तिलक करवा कर भोजन करना चाहिए। यदि कारणवश भाई बहन के यहां उपस्थित ना हो तो बहन स्वयं चलकर भाई के यहां पहुंचे। बहन पकवान मिष्ठान का भोजन भाई को तिलक करने के बाद करवाएं। बहन को चाहिए कि वह भाई को तिलक लगाने के बाद ही उसे भोजन करवाएं। यदि वह सच्चे मन से अपने भाई को तिलक करेगी तो उसके भाई की सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

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