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यदि आप भी नाक में डालते हैं उंगली तो चौक जाएंगे इसके हानिकारक प्रभावों को सुनकर 

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अक्सर आपने लोगों को बैठे-बैठे नाक में उंगली डालते हुए जरूर देखा होगा। नाक में उंगली डालना वैसे तो एक सामान्य प्रक्रिया है। हम अक्सर लोगों को नाक में उंगली डालते हुए या उसे ऐसे साफ करते हुए देखते हैं। जब व्यक्ति को अपने नाक में कफ या किसी और गंदगी का अनुभव होता है तो वह नाक में उंगली डालकर उसे साफ करने का प्रयास करता है। इतना ही नहीं कई लोग बोर होने व नर्वस होने पर भी नाक में उंगली डालते हैं और कई बार तो नाक में उंगली डालना कुछ व्यक्तियों की आदत जैसा ही होता है। ऐसे लोगों को जैसे ही कुछ समय मिलता है, उनकी उंगली सीधी नाक में चली जाती है। नाक में उंगली डालने की आदत को ‘rhinotillexomania’ कहा जाता है। परंतु क्या आप इस बात से इत्तफाक रखते हैं कि जरूरत से ज्यादा यह प्रक्रिया करना सेहत के लिए बहुत ही नुकसानदेह साबित हो सकता है। नाक में उंगली डालने के कारण व्यक्ति को बीमारियां फैलने, संक्रमण, नेजल कैविटी, नाक से खून आना या घाव होना और सेप्टम को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। आइए आपको ऐसे ही कुछ नुक़सान व हानियों से अवगत कराते हैं जो कि नाक में उंगली डालने से आपको हो सकती हैं।

उंगली के नाखून से हो सकता है घाव 

नाक में उंगली डालने से उंगलियों के नाखून नाक की कोमल त्वचा पर घाव कर सकते हैं। इतना ही नहीं नाक में उंगली करने से कई बार नाक के बाल टूट जाते हैं, जिसके कारण नाक में सूजन व पिंपल जैसा हो जाता है। इस तरह के घाव बेहद ही दर्दनाक साबित होते हैं।

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नैसल सेप्टम  पर बुरा प्रभाव

नाक में बार-बार उंगली करने से व्यक्ति की नैसल सेप्टम को बहुत ही नुकसान पहुंच सकता है। क्योंकि आपके बार-बार नाक में उंगली डालने से सेप्टम टूट जाती है और आपकी यह आदत उसमें छेद कर सकती है।

नाक से खून आने की संभावना

नाक में बार-बार उंगली डालने से आपकी नाक में उपस्थित रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है। जिससे कभी-कभी वह फट जाती हैं और यह नाक से बुरी तरह खून आने का कारण बन जाता है। जो लोग नाक में उंगली डालने की आदत से प्रभावित हैं। उनकी नाक में धीरे धीरे सेंसटिवेनेस हो जाती है।

बैक्टीरियल इन्फेक्शन 

नाक में उंगली डालना बहुत ही बुरी आदत होती है। एक अध्ययन के मुताबिक नाक में उंगली डालना चिंता व तनाव का कारण हो सकता है। जब कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो स्टैफ़ीलोकोक्स ऑरियस जैसे बैक्टीरिया के  प्रवेश करने का मौका मिल जाता है। जिससे वह आपको बैक्टीरियल इनफेक्शन दे जाता है और आपको लंबे समय तक इस परेशानी से जूझना पड़ता है।

 इस वजह से नहीं करनी चाहिए नाक में उंगली

आपको यह बात जानकर बहुत ही आश्चर्य होगा कि नाक के जिस मेल को आप समय मिलते ही नाक में उंगली डालकर निकालने का प्रयास करते हैं। उसे बूगर्स अर्थात सूखा हुआ बलगम कहा जाता है। यह कई प्रकार से आपकी नाक के लिए लाभदायक होता है। यह बूगर्स धूल मिट्टी व वायरस को टैप करने में मदद करता है। यह सांस के साथ नाक के अंदर आने वाले धूल के कण का कीटाणु को अंदर जाने से रोकता है। जिससे किसी भी प्रकार का संक्रमण हमारे फेफड़ों तक नहीं पहुंच पाता है।

नाक की सफाई भी है जरूरी

वैसे तो गुगल्स हमारी नाक की स्वच्छता के लिए अच्छे व आवश्यक होते हैं। लेकिन इनकी सफाई करना भी आवश्यक होता है क्योंकि एक समय के बाद इनमें कई तरह के धूल के कण जमा हो जाते हैं। यदि हम इन्हें साफ नहीं करेंगे तो बूगर्स नाक के मार्ग के पीछे और गले के नीचे की ओर जमा हो सकते हैं। जिससे हमें सांस लेने में परेशानी होगी। इन्हें साफ करते समय आपको उंगलियों की बजाय टिश्यू पेपर का प्रयोग करना चाहिए। इसके अलावा नाक की सफाई के लिए ड्रॉप या स्प्रे का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

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