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जानिए आखिर क्‍यों धनतेरस के द‍िन यमराज को को किया जाता है द्वीपदान

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इस बार धनतेरस का त्यौहार 13 नवंबर को है इस दिन कुछ ना कुछ खरीदने की परंपरा है। लेकिन क्या आप इस बात को जानते हैं कि इस दिन इस परंपरा के अलावा एक और परंपरा यानी कि यमराज को दीपदान करने का निर्वहन किया जाता है। पुराणों के मुताबिक धनतेरस के दिन ऐसा करने से अकाल मृत्यु कब होता है पूरे वर्ष में एक मात्र यही दिन है जब मृत्यु के देवता यमराज की पूजा दीपदान करते की जाती है। हालांकि कुछ लोग नरक चतुर्दशी यानी क‍ि छोटी दीपावली के द‍िन भी दीपदान करते हैं।

स्कंद पुराण में धनतेरस को लेकर ही कुछ लोग भी मिलता है आपको बता दें कि इसके अनुसार ‘कार्तिकस्यासिते पक्षे त्रयोदश्यां निशामुखे। यमदीपं बहिर्दद्यादपमृत्युर्विनिश्यति।’ इसका मतलब होता है कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन साईं काल के समय घर के बाहर यमदेव के उद्देश्य से दीप रखने और मृत्यु का निर्वाहन होता है। वही पद्मपुराण के मुताबिक यानी कि कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को घर से बाहर यमराज के लिए भी देना चाहिए।

पुराणों में वर्णित कथा के मुताबिक समय यमराज ने अपने दोस्तोंदूतों से पूछा था कि क्या करता मैं कभी प्राणियों के प्राण हरण करते समय किसी पर दया आई है तो वह संकोच में पड़कर बोले नहीं महाराज यमराज ने उसे दोबारा पूछा तो उन्होंने बताया कि एक बार ऐसी घटना घटी थी। जिससे हमारे हृदय भी कांप उठा था।
हेम नमक राजा की पत्नी ने जब एक पुत्र को जन्म दिया ज्योतिषियों नक्षत्र गणना करके बताया कि यह बालक जब भी विवाह करेगा उसके 4 दिन बाद ही मर जाएगा। यह जानकर उस राजा ने बालक को यमुना तट पर यह गुफा में ब्रह्मचारी के रूप में रख कर बड़ा किया 1 दिन जगह महाराजा हम युवा बेटियां घाट पर घूम रही थी तथा ब्रह्मचारी युवक उस कन्या पर मोहित हो गया। उसने गंधर्व विवाह कर लिया लेकिन जैसे ही चौथा दिन पूरा हुआ राजकुमार की मौत हो गई अपने पति की मृत्यु देखकर पत्नी बिलक बिलक कर रोने लगी।उस नेता का करुण विलाप सुनकर हमारा दिल भी कांप उठा था।

हिंदुत्व ने कहा कि सीमा राजकुमार के प्राण हरण करते समय हमारे आंसू नहीं रुक रहे थे तभी एक यमदूत ने पूछा क्या अकाल मृत्यु से बचने का कोई उपाय नहीं है। इस पर यमराज बोले एक उपाय है अकाल मृत्यु से छुटकारा पाने के लिए व्यक्ति को धनतेरस के दिन पूजन और दीप दान करना चाहिए ऐसा करने से अकाल मृत्यु का भय नहीं होता है।

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