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करना चाहते हैं हर महीने मोटी कमाई? तो शुरू करें यह बिजनेस, सरकार देगी 2.5 लाख रुपए की मदद..

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यह तो आप सभी जानते होंगे कि सरकार द्वारा महंगाई पर रोक लगाने और लोगों की सुविधाओं को पहले से ज्यादा बढ़ाने के लिए कई कार्य किए गए हैं। ऐसी ही एक योजना जन औषधि केंद्र है, जिसके द्वारा लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा और सस्ते में दवाई भी उपलब्ध होंगी।

प्रधानमंत्री जन औषधि योजना मोदी सरकार की एक ऐसी योजनाएं जिसके अंतर्गत मरीजों को 50 से 90% सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराई जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2015 में इस योजना की शुरुआत की थी, जिसका मकसद महंगी दवाओं का वित्तीय बोझ झेल रहे गरीबों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना है।
कैसे प्रयोग करें जन औषधि स्कीम: आजकल बहुत से युवा 25-30 हजार के वेतन के लिए अपना शहर  व गांव छोड़कर बड़े शहरों में काम करने के लिए चले जाते हैं। लेकिन आपके लिए यह सरकार की स्कीम काफी फायदेमंद रहेगी। अगर आप भी अपने शहर या गांव के आसपास रह कर ही रोजगार करना चाहते हैं, तो सरकार द्वारा दी गई जनऔषधि स्कीम का लाभ आपको भी उठाना चाहिए।
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सरकार वित्त वर्ष 2019-20 के अंत तक इस जनऔषधि स्कीम को देश के हर जिले तक पहुंचाने का लक्ष्य बनाकर चल रही है। इस दौरान देश में 1000 और सरकारी दवाओं के दुकान खोले जाएंगे। जिसके लिए आप आवेदन कर सकते हैं। देश में कुल 5,754 जनऔषधि केंद्र खुल चुके हैं। केमिकल एंड फ़र्टिलाइज़र मिनिस्टर डीवी. सदानंद गौड़ा ने यह जानकारी मीडिया तक उपलब्ध कराई। जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए क्षमताजन औषधि केंद्र खोलने के लिए पहले कैटेगरी के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति बेरोजगार फार्मासिस्ट डॉक्टर रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर केंद्र खोल सकता है।
दूसरी कैटेगरी के अंतर्गत ट्रस्ट, एनजीओ, प्राइवेट हॉस्पिटल, सोसाइटी और सेल्फ हेल्प ग्रुप को जनऔषधि केंद्र खोलने का अवसर प्राप्त होगा। तीसरी व अंतिम कैटेगरी में राज्य सरकारों की ओर से नॉमिनेट किए हुए एजेंसी आएंगे। जन औषधि केंद्र खोलने के लिए 2 5 रुपए की मिलेगी सहायताजन औषधि केंद्र खोलने के लिए सक्षम नॉमिनेशन को 2.5 रुपए की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जिसमें दवा बेचने पर मिलने वाले को 20 फ़ीसदी मार्जिन के अलावा, हर महीने की बिक्री पर अलग से 15 फीसदी इंसेंटिव मिलेगा।
इंसेंटिव की अधिकतम सीमा 10,000 रुपये प्रतिमाह होगी। यह तब तक उपलब्ध कराया जाएगा, जब तक की 2.5 लाख रुपए पूरे ना हो जाए। उत्तरी पूर्व और नक्सल प्रभावित राज्यों में इंसेंटिव की अधिकतम सीमा 15 हजार रुपए प्रतिमाह हो जाएगी।
इतना ही नहीं, कमजोर तबके के आवेदन कर्ता को 50 हजार रुपए की दवा एडवांस में बेचने को दी जाएगी। कैसे होगा मुनाफा जन औषधि केंद्र के माध्यम से महीने में जितनी दवाएं बेटी जाएंगी। उनका 20% कमीशन के रूप में बेचने वाले को दिया जाएगा। लिहाजा अगर आप महीने में 1 लाख रुपए की बिक्री करते हैं, तो आपको उस महीने में 20 हजार रुपए की इनकम हो जाएगी। ट्रेड मार्जिन के अलावा सरकार हर महीने की सेल्स पर 15 फ़ीसदी इंसेंटिव देगी, जो आपके बैंक अकाउंट में आपको उपलब्ध कराई जाएगी।

आपके लिए फायदेमंद बात यह है कि आपको यहां 90% तक सस्ती दवाएं प्राप्त हो सकती है। सभी लोगों तक इन सस्ती दवाओं की पहुंच सके इसके लिए सरकार ने जन औषधि केंद्र खोले हैं। इनके द्वारा लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आपके कस्बे या गांव तक इस योजना की पहुंच संभव है। बीपीपीआई के अनुसार इन केंद्रों में अब तक 800 से ज्यादा दबाएं और 150 से ज्यादा मेडिकल इक्विपमेंट उपलब्ध है। वहीं यह करीब 700 जिलों में अब तक 6200 के करीब जन औषधि केंद्र जारी हो चुके हैं।
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