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पूजा के कमरे में की गयी ये बड़ी गलतियां, लाती है बदहाली और आर्थिक समस्या

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घर को बनवाने से पहले उनके कमरों के साथ पूजा के कमरे पर विशेष ध्यान दिया जाता है कि लोग अलग-अलग तरीकों से घर सजाना पसंद करते हैं मगर वास्तुदोष के मुताबिक पूजा घर को बनवाने से पहले से सही दिशा में बनवाने के साथ कुछ विशेष नियमों का पालन करना भी बेहद जरूरी है। ताकि पूजा करने का फल अच्छी तरीके से मिल सके। इसके विपरीत गलत दिशा में बना कर पूजा हर व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अगर आप वास्तु शास्त्र मानते हैं तो चलिए आज हम आपको पूजा के कमरे से जुड़े नियमों के बारे में बताते हैं।

घर का ईशान कोण अर्थात उत्तर पूर्व दिशा से यहां के लिए सबसे ज्यादा उत्तम मानी जाती है। इसलिए पूजा रूम भी घर की सी दिशा में होना चाहिए।

घर की बेसमेंट में पूजा घर बनवाने से पूजा का फल नहीं मिलता है। इसे हमेशा हल्के ढंग से ही पेंट करवाना चाहिए आप चाहे तो अपने पूजा घर के लिए सफेद पीला या कोई हल्का रंग चुन सकते हैं पूजा घर के साथ उसमें रखी मूर्तियों की सही दिशा पर भी खास ध्यान दिया जाता है। ऐसे में भगवान श्री विष्णु भगवान सूर्य कार्तिकेय जी गणेश जी और दुर्गा मां की मूर्तियां हमेशा पश्चिम दिशा की ओर स्थापित करनी चाहिए। साथ ही कुबेर व भैरव जी की मूर्ति दक्षिण की ओर मुंह करके स्थापित करें।

घर की साफ सफाई रखने के लिए पूजा घर की साफ सफाई रखना बेहद जरूरी होता है। भगवान जी की मूर्तियों के वस्त्र रोजाना बदलें।

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