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PF खाते को लेकर झेलनी पड़ रही है परेशानियां तो इस तरह कर बैठे ऑनलाइन करें अपने पीएफ खाते का UAN Generate..

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नौकरी पेशे वाले व्यक्तियों के लिए पीएफ खाता काफी मायने रखता है। अक्सर लोग नौकरी बदलते वक्त अपना पीएफ का पैसा निकाल लेते हैं। कई बार लोग दूसरी कंपनी में नया अकाउंट खोल लेते हैं। मतलब यह होता है कि पुराना ऑफिस का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर तो पहले से ही चल रहा था, लेकिन इसके बाद वे अपना नया यूएएन नंबर जनरेट कर लेते हैं।
लेकिन पिछले खाते का उन्हें ध्यान नहीं रहता ऐसे में आज हम आपको उन परिस्थितियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके दो अलग-अलग यूएएन नंबर होने पर परेशानियां खड़ी हो सकती हैं।
आपको बता दें कि यूएन नंबर का मतलब यूनिवर्सल अकाउंट नंबर होता है जो कि एक बार ही मान्य किया जाता है। यदि आप नौकरी बदल भी लेते हैं तो आपको केवल अपनी कंपनी का नाम उसमें बदलवा ना पड़ता है। लेकिन आपका खाता वही पुराना वाला रहता है। यूएएन होने के बाद भी दूसरा यूएएन नंबर जनरेट होने की स्थिति में आपका फंड प्रोसेस रोका जा सकता है। यदि आप पुराना फंड ट्रांसफर कराना चाहेंगे तो उसके लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
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यदि आपके पास भी तो यूएएन नंबर मौजूद है तो आपको सबसे पहले इसकी जानकारी ईपीएफओ यानी कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को देनी चाहिए। ईपीएफओ को आप ऑनलाइन भी सूचित कर सकते हैं। एपीएसओ आपके दोनों यूएएन नंबर को क्रॉस वेरीफाई करता है। वेरीफाई करने के उपरांत पुराने वाला यूएएन नंबर ईपीएफओ की तरफ से ब्लॉक कर दिया जाता है। जिसके बाद पुराने खाते के फंड को नए खाते में ट्रांसफर करने की रिक्वेस्ट डालनी पड़ती है।
यदि आप इस तरह की फंड ट्रांसफर करने के लिए रिक्वेस्ट डालना चाहते हैं तो उसके लिए आपको यूएन नंबर एक्टिवेट होना चाहिए। आधार से लिंक भी होना चाहिए ईपीएफओ पोर्टल पर वन एंप्लॉय इपीएफ का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर यूएएन नंबर और कंपनी की मेंबर आईडी बरतनी होगी। भरने के बाद सबमिट करके ओटीपी जनरेट करना होगा। ओटीपी दर्ज करने के बाद यहां दिए गए कॉलम में पुराने जो भी इपीएफ है। उनकी डिटेल वर्कर फंड ट्रांसफर की अभी करनी होगी।
पुराने यूएएन को मर्ज करने के लिए आपको सबसे पहले पुराने पीएफ खाते के फंड को नए पीएफ खाते में ट्रांसफर कराने से पुराना यूएएन डीएक्टिवेट कर दिया जाता है। ट्रांसफर रिक्वेस्ट के बाद ईपीएफओ ट्रांसफर क्लेम को वेरीफाई करता है। दोनों यूएएन नंबर को लिंक किया जाता है। ट्रांसफर प्रोसेस होने के बाद ईपीएफओ पुराने यूएएन को डीएक्टिवेट कर देता है।
यूएएन मर्ज होने की प्रक्रिया ऑटोमेटिकली पूरी हो जाती है। जरूरी नहीं कि इसके लिए एम्पलाई को रिक्वेस्ट करनी हो, एक बार जब ईपीएफओ यूएएन को वेरीफाई कर लेता है तो आपके पीएफ खाते से उसे लिंक कर दिया जाता है। इस संबंध में खाताधारक को एक के माध्यम से अलर्ट जारी करता है।
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