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जानिए आखिर दीवाली से पहले मैन गेट पर क्यों लगाया जाता है बंदनवार

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दिवाली का त्यौहार एक नवंबर की 4 तारीख को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन धन की देवी अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए धरती पर चक्कर लगाती हैं। ऐसे में उनका स्वागत करने के लिए लोग विशेष रूप से घर की साफ सफाई करने के साथ-साथ धर्म को फूलों रंगोली और तोरण के साथ आ जाते हैं। बात अगर तोरण की करें तो उसे घर के मुख्य द्वार पर लगाया जाता है। वास्तु के मुताबिक इसे किसी शुभ अवसर पर खासतौर पर दिवाली के दिन लगाना बेहद शुभ माना जाता है। तो चलिए आज हम आपको इसके बारे में कुछ विस्तार से बताते हैं।

वैसे तो तोरण को बंदनवार के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि से घर के मेन गेट पर लगाने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। शुभता का प्रतीक माने जाने वाले तोरण को घर पर किसी शुभ अवसर पर लगाया जाता है। इसे खासतौर पर बच्चे के जन्म, शादी, गृह-प्रवेश, मेहमानों का स्वागत कई विशेष पूजा के दौरान लगाया जाता है। माना जाता है कि से घर में लगाने से घर में मौजूद नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

गेंदे के फूल को सूर्य देवता का प्रतीक माना जाता है। माना जाता है कि जो धरती पर गुलाब चमेली आदि के फूल होने के बावजूद भी गेंदे को इन सब में सबसे शुभ माना जाता है।संस्कृत भाषा में से स्थूलपुष्प भी कहा गया है इसे शुद्धता का प्रतीक माना जाता है आपको बता दें कि साथ ही इसका संबंध बृहस्पति ग्रह से होता है ऐसे में से तैयार तोरण को घर के मुख्य द्वार पर लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य में आम के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है से कलश नारियल रखने से पहले रखा जाता है माना जाता है कि आम की पत्तियों भगवान के अंगों नारियल उनके सिर को दर्शाता है। आम के पत्तों से तैयार तोरण घर पर लगाने से घर की नकारात्मकता सकारात्मकता में बदल जाती है

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